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वाराणसी: जनसभा संबोधित करने आईं स्मृति ईरानी ने कश्मीरी पंडितों के पलायन पर कही थी ये बात

Sun, 19 Jan 2020 10:40 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sun, 19 Jan 2020 10:40 AM IST
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Smriti Irani on Kashmiri Pandits Exodus caa nrc rally in varanasi
जनसभा को संबोधित करतीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी। - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी में शनिवार को भाजपा की ओर से आयोजित जनसभा में बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने नागरिकता संशोधन कानून पर कांग्रेस के विरोध को आड़े हाथों लिया। केंद्रीय मंत्री ने अपनी बात की शुरुआत कश्मीरी पंडितों के पलायन और नरसंहार के जिक्र से की।

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उन्होंने कहा, 19 जनवरी 1990 को पाकिस्तान के इशारे पर कश्मीरी पंडितों को जम्मू-कश्मीर से निकालने का काला इतिहास हमारे देश का अंग बना। महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रह गए हिंदू परिवारों के संरक्षण की जिम्मेदारी भारत ले। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी की बातों को न केवल स्वीकार किया, बल्कि साकार भी किया। हिंदुस्तान की जनता ने विश्व को जो वचन दिया, वह उस पर खरा उतरी है।
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उन्होंने कहा, अमेठी में नमाज पढ़ने वाले काशी में बाबा विश्वनाथ का दर्शन पूजन करते हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के वीर सावरकर के बयान पर पलटवार करते हुए बोलीं, तुम्हारी दस पुश्तें भी आकर खत्म हो जाएं तो भी सावरकर जैसा साहस नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि देश के बंटवारे के वक्त भारत ने विश्व को दिया वचन सीएए के जरिए पूरा किया।

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कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, पाकिस्तान में 1947 में अल्पसंख्यक 23 प्रतिशत थे और अब घट कर तीन प्रतिशत रह गए। इसके बावजूद कांग्रेस के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। पाकिस्तान में कितनी ही बेटियों को उठाया गया, दुष्कर्म किया गया। जबरिया शादी की गई और धर्म परिवर्तन कराया गया, लेकिन कांग्रेस कुछ नहीं बोली।

उन्होंने कहा, कांग्रेस आपराधिक तत्वों के साथ खड़ी है। इमरजेंसी में अटल बिहारी बाजपेयी और चौधरी चरण सिंह को जेल में डालने वाली कांग्रेस ने करीम लाला को खुला छोड़ा था। इन लोगों ने राष्ट्रीय एकता और मानवता के संदेशवाहक वीर सावरकर को महाराष्ट्र में गाली दी और और पुस्तक प्रकाशित की। कांग्रेस को 72 साल बाद भी धर्म के आधार पर देश के बंटवारे पर जवाब नहीं सूझता है।

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