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बदल रही काशी: इंदौर की तर्ज पर जीरो वेस्ट बनेंगे बनारस के छह वार्ड, नगन निगम ने बनाई खास योजना
Thu, 29 Jan 2026 12:30 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:30 PM IST
सार
Varanasi News: वाराणसी जिले को स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पायदान पर पहुंचाने के लिए इंदौर की तर्ज पर छह वार्ड जीरो वेस्ट बनेंगे। इसके लिए नगर निगम ने एक बड़ी कार्ययोजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है।
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वाराणसी नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
काशी को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में शीर्ष पायदान पर पहुंचाने के लिए नगर निगम ने एक बड़ी कार्ययोजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के निर्देश पर शहर के छह चयनित वार्डों को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन वार्डों की मुख्य विशेषता इनका जीरो वेस्ट जोन होना होगा, जहां से निकलने वाले कचरे का शत-प्रतिशत निस्तारण आधुनिक तकनीक और स्थानीय प्रोसेसिंग के माध्यम से किया जाएगा।
सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नगर निगम ने डिजिटल तकनीक का समावेश किया है। इन मॉडल वार्डों के समस्त बीटों की जीआईएस मैपिंग कराई गई है, जिससे सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की रियल-टाइम डिजिटल निगरानी संभव होगी।
इसके अतिरिक्त, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों को जीपीएस से लैस किया गया है, ताकि यह पता लग सके कि कोई भी घर कूड़ा कलेक्शन से अछूता न रहे। शहर में पहले से मौजूद 26 कचरा डंपिंग स्थलों को विलोपित कर वहां सुंदरीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
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सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए नगर निगम ने डिजिटल तकनीक का समावेश किया है। इन मॉडल वार्डों के समस्त बीटों की जीआईएस मैपिंग कराई गई है, जिससे सफाई कर्मचारियों की उपस्थिति की रियल-टाइम डिजिटल निगरानी संभव होगी।
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इसके अतिरिक्त, डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले वाहनों को जीपीएस से लैस किया गया है, ताकि यह पता लग सके कि कोई भी घर कूड़ा कलेक्शन से अछूता न रहे। शहर में पहले से मौजूद 26 कचरा डंपिंग स्थलों को विलोपित कर वहां सुंदरीकरण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
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इन वार्डों में कूड़े के स्रोत पर ही पृथकीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है। निगम के सफाई मित्र केवल उसी स्थिति में कूड़ा उठाएंगे जब वह गीले और सूखे कचरे के रूप में अलग-अलग होगा। इस अभियान की सफलता के लिए दो विशेष संस्थाओं को जन-जागरूकता और क्षमता संवर्धन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वर्तमान में शहर में प्रतिदिन 1215 टन कचरा प्रोसेसिंग की क्षमता विकसित की जा चुकी है, जो इन मॉडल वार्डों के लिए आधार स्तंभ साबित होगी।
नव विस्तारित वार्डों के लिए निजी एजेंसी अनुबंधित
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के नव विस्तारित 25 वार्डों में भी बेहतर सफाई के लिए नगर निगम ने निजी एजेंसियों के साथ करार किया है। दिसंबर 2025 से ही इन क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए मेसर्स लॉयन सिक्योरिटी गार्ड्स सर्विसेज को अनुबंधित किया गया है। निगम का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में इन विस्तारित वार्डों में भी मॉडल वार्ड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे पूरी काशी स्मार्ट और क्लीन नजर आए।
नव विस्तारित वार्डों के लिए निजी एजेंसी अनुबंधित
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के नव विस्तारित 25 वार्डों में भी बेहतर सफाई के लिए नगर निगम ने निजी एजेंसियों के साथ करार किया है। दिसंबर 2025 से ही इन क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए मेसर्स लॉयन सिक्योरिटी गार्ड्स सर्विसेज को अनुबंधित किया गया है। निगम का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में इन विस्तारित वार्डों में भी मॉडल वार्ड जैसी सुविधाएं विकसित की जाएं, जिससे पूरी काशी स्मार्ट और क्लीन नजर आए।