यूपीपीएससी : एसआईटी ने किए पेपर खरीदने वालों से सवाल, बताया शॉर्टकट में सफल होने की थी इच्छा
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एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के सामाजिक विज्ञान और हिंदी के लीक हुए पेपर खरीदने वाले तीन अभ्यर्थियों के रविवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने बयान दर्ज किए। उनका कहना था कि बेरोजगार होने के कारण शार्टकट से सफलता पाने के चक्कर में वह जालसाजों के झांसे में आ गए।
अन्य 26 अभ्यर्थियों को बयान दर्ज कराने के लिए विवेचक सीओ सदर सत्येंद्र तिवारी की ओर से नोटिस जारी किया गया है। बताया जा रहा है कि सभी 29 अभ्यर्थियों के बयान दर्ज होने के बाद पुलिस अदालत में चार्जशीट दाखिल करेगी। यह अभ्यर्थी बनारस, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, बलिया, प्रयागराज और अलीगढ़ सहित सूबे के अन्य जिलों के रहने वाले हैं।
एसटीएफ ने बीती 28 मई को चोलापुर क्षेत्र से कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को गिरफ्तार कर यूपीपीएससी द्वारा जुलाई 2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा धांधली का भंडाफोड़ किया था।
कौशिक से मिली जानकारी के आधार पर आयोग की तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को गिरफ्तार किया गया। शनिवार को आयोग के पूर्व चेयरमैन डॉ अनिरुद्ध सिंह यादव का बयान दर्ज किए गए।
50 अभ्यर्थियों ने लिए थे प्रश्नपत्र, जमा हैं शैक्षणिक प्रमाण पत्र :
बयान दर्ज कराने आए अभ्यर्थियों ने बताया कि वह जौनपुर और चोलापुर के लोगों के माध्यम से कौशिक के संपर्क में आए थे। सभी को हल किए गए प्रश्न पत्र चोलापुर क्षेत्र के शैलेंद्र सिंह के घर पर दिए गए। 50 अभ्यर्थियों से पांच लाख से 10 लाख रुपये के बीच पेपर देने का सौदा हुआ था।
दो से ढाई लाख रुपये एडवांस लेकर पेपर देने वालों ने सभी के शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करा लिए थे। एसआईटी को बताया गया कि लीक हुए पेपर खरीदने वाले 50 अभ्यर्थियों में से 29 ही परीक्षा में शामिल हुए थे। इसी वजह से 29 अभ्यर्थियों को ही नोटिस जारी किया गया।
तीन आरोपियों ने आत्मसमर्पण के लिए दिया आवेदन :
धांधली मामले में अदालत ने जौनपुर के मडि़याहूं थाना के विधिपुर के अजय चौहान, अजीत चौहान और शैलेंद्र सिंह को फरार घोषित किया है। एसआईटी के सदस्यों के अनुसार, तीनों ने कुर्की की कार्रवाई के डर से अदालत में आत्मसमर्पण करने का आवेदन दिया है। कोलकाता निवासी दो अन्य आरोपियों ने भी आत्मसमर्पण के लिए अदालत में आवेदन दिया है।
निलंबित परीक्षा नियंत्रक के करीबी पुलिस के रडार पर :
जिला जेल में निरुद्ध यूपीपीएससी की निलंबित परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार के करीबी भी पुलिस के रडार पर हैं। लीक पेपर खरीदने वाले अभ्यर्थियों से यह भी पूछा जा रहा है कि अंजू कटियार या आयोग से जुड़े अन्य कौन-कौन से लोगों ने उनसे संपर्क किया था। एसआईटी के सदस्यों के अनुसार, सभी अभ्यर्थियों के बयान दर्ज करने के बाद मामले में वांछित आरोपियों के अलावा कुछ अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।