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प्रोटोकाल तोड़ किसानों के बीच पहुंचे राजनाथ

Mon, 25 Apr 2016 02:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 25 Apr 2016 02:10 AM IST
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Singh broke protocol reached between farmers
किसानों के बीच उनकी फरियाद सुनते गृहमंत्री राजनाथ सिंह। 
गांव, गरीब और किसान की बेहतरी के लिए चिंतित मोदी सरकार के नुमांइदे पंचायती राज दिवस पर किसानों के बीच पहुंचे। उनका दुख दर्द सुना और मदद का भरोसा दिया। गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा दोनों ने यहां किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार किसानों का जीवनस्तर उठाने के लिए हर संभव कोशिश करेगी। गृहमंत्री ने कहा कि वे खुद किसानों की समस्याओं के बाबत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से बात करेंगे। वहीं दूसरी ओर रिंग रोड योजना में हुए जमीन अधिग्रहण का मुआवजा न मिलने से नाराज किसान सत्याग्रह आंदोलन कर रहे हैं। इस आंदोलन में हृदयपुर के साथ अब इदिलपुर गांव के किसान भी आ गए हैं। यहां के किसानों ने भी नए सर्किल रेट पर मुआवजा मांगा है। केंद्रीय मंत्रियों ने किसानों के हित की रक्षा के दावे तो किए लेकिन इनकी तरफ नजर नहीं गई...।
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मंत्री जी किसानों की कोई सुध नहीं ले रहा। पिछले दिनों मौसम की मार से फसल बर्बाद हो गई। अब उसका मुआवजा मिल रहा है। मगर दुख इस बात का है कि मुआवजे के चेक के लिए भी पैसे देने पड़ रहे हैं। चेक जमा करने के बाद भी खाते में पैसा नहीं आ रहा है। हर रोज का बैंक के चक्कर काटकर परेशान हो गया हूं। ये शिकायतें रविवार को बड़ागांव के पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कालेज में आयोजित किसान चौपाल में आए किसानों ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से की। प्रोटोकाल तोड़कर किसानों के बीच पहुंचे राजनाथ ने उनके मन की व्यथा सुनी और हर संभव मदद का वादा किया। घंटे पर तक चले शिकवा-शिकायतों के दौर में राजनाथ ने भरोसा दिलाया कि खेती-किसानी और गांवों के विकास के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।  कहा कि मुआवजा वितरण में धांधली की शिकायत के बाबत वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से खुद बात करेेंगे और पत्र भी लिखेंगे।
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गृहमंत्री अपने तय समय से लगभग एक से डेढ़ घंटे विलंब से किसान चौपाल में पहुंचे। मंच पर बैठने की बजाय वह प्रोटोकाल तोड़कर मंच के सामने बैठे किसानों के बीच पहुंच गए और वहीं कुर्सी लगाकर बैठ गए। एक-एक कर किसान अपनी शिकायतें सुनाते गए और गृहमंत्री पूरी तन्मयता से उनकी बातें सुनते गए। बरसठी के किसान शिवसागर शुक्ला ने कहा कि अरसे से उनके इलाके में सिंचाई के लिए पानी का संकट है। नलकूप खराब पड़ा है। शिकायतों के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। वहीं अजय सिंह मुन्ना ने कहा कि फसल बर्बाद होने का चेक तो बंट रहा मगर चेक के एवज में पैसा देना पड़ रहा है। चेक लेखपाल बांट रहे हैं और सपा कार्यकर्ता वसूली कर रहे हैं। इन शिकायतों के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि वे खुद सीएम से इस मसले पर बात करेंगे और उन्हें पत्र भी लिखेंगे। राजनाथ ने कहा कि केंद्र ने यूपी को तीन हजार करोड़ रुपया केवल मुआवजा बांटने के लिए दिया है। यह पैसा उन किसानों का है जिनकी फसल बरबाद हुई है। जिन किसानों की 33 फीसदी या उससे अधिक फसल मौसम या प्राकृतिक आपदा से बरबाद हुई है, उन्हें हर हाल में मुआवजा मिलेगा। उधर, बड़ागांव की महिला किसान मालती गुप्ता ने आवास और राशन कार्ड की समस्या उठाई। इस पर राजनाथ ने कहा कि केंद्र सरकार हर गांव के विकास के लिए 80 लाख रुपये दे रही है। किसानों को सस्ते दर पर कर्ज भी मुहैया कराया जा रहा है। चौपाल में जुटे किसानों से गृहमंत्री ने खाद और बीज की उपलब्धता की जानकारी भी ली। साथ ही सिंचाई के साधनों के बाबत भी पूछा। चौपाल में किसानों के अलावा मछली शहर के सांसद रामचरित्र निषाद, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, अजय सिंह, जयप्रकाश दुबे, अजय मिश्रा, सुजीत सिंह टीका आदि मौजूद थे। सवा चार बजे गृहमंत्री बाबतपुर से बीएसएफ के विमान से दिल्ली रवाना हो गए।
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