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सिंधोरिया कॉलोनी में 50 घंटे से बिजली गुल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 23 Jul 2016 02:03 AM IST
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उमसभरी गरमी में अंधाधुंध कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। विभाग चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर अपनी पीठ थपथपा रहा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। पारेषण से मिलने वाली भरपूर बिजली का वितरण ही ठीक ढंग से कराया जाए तो जनता को 20 से 22 घंटे बिजली मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं है। बारिश और लोकल फाल्ट बताकर प्रतिदिन पांच से छह घंटे की कटौती की जा रही है। इससे परेशान जनता का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। बावजूद इसके अधिकारियों को जनता की तकलीफ दिखाई नहीं दे रही है। मंडुवाडीह के सिंधोरिया कॉलोनी, पंचवटी नगर में 50 घंटे तक विद्युत आपूर्ति नहीं हो सकी। जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
कटौती के चलते महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का बुरा हाल है। रात में रो रोकर बच्चे मां बाप को भी परेशान कर रहे हैं। बुजुर्ग भी करवटें बदलकर रात बिता रहे हैं। जिन घरों में इन्वर्टर है, एक समय के बाद डिस्चार्ज हो जा रहा है। फ्रिज में रखे सामान खराब हो रहे हैं। बिजली की आंखमिचौनी जारी है। दिन तो किसी तरीके से जनता गुजार रही है लेकिन रात की कटौती भारी पड़ रही है। सिंधोरिया कॉलोनी में बीते 50 घंटे से आपूर्ति नहीं होने से जनता परेशान है। शहर के कई इलाकों में तकनीकी खराबी के चलते 12 से 14 घंटे की कटौती की जा रही है।
कैंट मेन फीडर बंद होने से मंडुवाडीह उपकेंद्र पर दोपहर डेढ़ बजे से बिजली गुल रही जो शाम पांच बजे बहाल हुई। उधर लेढ़ुपुर और सारनाथ उपकेंद्र से दोपहर दो से पांच बजे तक आपूर्ति प्रभावित रही। इसके चलते आधे शहर की बिजली गुल रही। चौक, मछोदरी, वरुणा पार, लंका, भेलूपुर, पांडेयपुर आदि इलाकों में बत्ती गुल रही। इसके अलावा दिन भर बिजली की आवाजाही लगी रही। इन उपकेंद्रों की मानें तो ओवरलोड, जर्जर तार बदलने, मरम्मत, लोकल फाल्ट, केबल पंक्चर आदि की समस्याओं को ठीक करने के नाम पर बेतहासा कटौती जारी है।
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मंडुवाडीह के सिंधोरिया कॉलोनी, पंचवटी नगर में बिजली पानी के लिए हाहाकार मचा है। यहां बुधवार की रात 11 बजे से लेकर शुक्रवार की रात एक बजे तक बिजली नहीं आई। यहां एबीसी तार जल गया। तीन बार प्रयास करके बनाया लेकिन तीनों बार प्रयास फेल हो गया। रात तक विभागीय अधिकारी मौके पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने में लगे हैं।
भविष्य सुधारने के नाम पर आम जनता का वर्तमान खराब किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं के चलते सड़कों की बेतरतीब खुदाई से अंडरग्राउंड केबल पंक्चर हो रहे हैं। सीवर, पानी की पाइप लाइन डालने के नाम पर भी बिजली की मेन लाइनों को कार्यदायी एजेंसियां काट दे रही हैं। इसके चलते भी आम जनता को बिजली नहीं मिल रही।
बारिश के मौसम में ट्रांसफार्मरों के जलने की समस्या बढ़ी है। ओवरलोडिंग, अर्थिंग की समस्या, तेल की कमी और नियमित जांच न होने से ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। इन्हें बदलने में दो से सात दिन का समय लगता है। जिले में छोटे, मध्यम और बड़े ट्रांसफार्मरों की संख्या 13 हजार आठ सौ बीस है। गर्मी के सीजन से ही हर माह शहर में ट्रांसफार्मर की जलने का प्रतिशत 3.92 प्रतिशत, देहात में 4.61 प्रतिशत हो गई है। जबकि पूरे जिले में 4.2 प्रतिशत ट्रांसफार्मर हर माह जल जा रहे हैं।
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कटौती के चलते महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का बुरा हाल है। रात में रो रोकर बच्चे मां बाप को भी परेशान कर रहे हैं। बुजुर्ग भी करवटें बदलकर रात बिता रहे हैं। जिन घरों में इन्वर्टर है, एक समय के बाद डिस्चार्ज हो जा रहा है। फ्रिज में रखे सामान खराब हो रहे हैं। बिजली की आंखमिचौनी जारी है। दिन तो किसी तरीके से जनता गुजार रही है लेकिन रात की कटौती भारी पड़ रही है। सिंधोरिया कॉलोनी में बीते 50 घंटे से आपूर्ति नहीं होने से जनता परेशान है। शहर के कई इलाकों में तकनीकी खराबी के चलते 12 से 14 घंटे की कटौती की जा रही है।
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कैंट मेन फीडर बंद होने से मंडुवाडीह उपकेंद्र पर दोपहर डेढ़ बजे से बिजली गुल रही जो शाम पांच बजे बहाल हुई। उधर लेढ़ुपुर और सारनाथ उपकेंद्र से दोपहर दो से पांच बजे तक आपूर्ति प्रभावित रही। इसके चलते आधे शहर की बिजली गुल रही। चौक, मछोदरी, वरुणा पार, लंका, भेलूपुर, पांडेयपुर आदि इलाकों में बत्ती गुल रही। इसके अलावा दिन भर बिजली की आवाजाही लगी रही। इन उपकेंद्रों की मानें तो ओवरलोड, जर्जर तार बदलने, मरम्मत, लोकल फाल्ट, केबल पंक्चर आदि की समस्याओं को ठीक करने के नाम पर बेतहासा कटौती जारी है।
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मंडुवाडीह के सिंधोरिया कॉलोनी, पंचवटी नगर में बिजली पानी के लिए हाहाकार मचा है। यहां बुधवार की रात 11 बजे से लेकर शुक्रवार की रात एक बजे तक बिजली नहीं आई। यहां एबीसी तार जल गया। तीन बार प्रयास करके बनाया लेकिन तीनों बार प्रयास फेल हो गया। रात तक विभागीय अधिकारी मौके पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने में लगे हैं।
भविष्य सुधारने के नाम पर आम जनता का वर्तमान खराब किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं के चलते सड़कों की बेतरतीब खुदाई से अंडरग्राउंड केबल पंक्चर हो रहे हैं। सीवर, पानी की पाइप लाइन डालने के नाम पर भी बिजली की मेन लाइनों को कार्यदायी एजेंसियां काट दे रही हैं। इसके चलते भी आम जनता को बिजली नहीं मिल रही।
बारिश के मौसम में ट्रांसफार्मरों के जलने की समस्या बढ़ी है। ओवरलोडिंग, अर्थिंग की समस्या, तेल की कमी और नियमित जांच न होने से ट्रांसफार्मर जल रहे हैं। इन्हें बदलने में दो से सात दिन का समय लगता है। जिले में छोटे, मध्यम और बड़े ट्रांसफार्मरों की संख्या 13 हजार आठ सौ बीस है। गर्मी के सीजन से ही हर माह शहर में ट्रांसफार्मर की जलने का प्रतिशत 3.92 प्रतिशत, देहात में 4.61 प्रतिशत हो गई है। जबकि पूरे जिले में 4.2 प्रतिशत ट्रांसफार्मर हर माह जल जा रहे हैं।