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Budget par charcha: GST का सरलीकरण और व्यापारी आयोग का हो गठन, अमर उजाला कार्यालय में आम बजट पर चर्चा

Mon, 30 Jan 2023 12:36 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Mon, 30 Jan 2023 12:36 PM IST
सार

चांदपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में रविवार को  आम बजट पर संवाद का आयोजन किया गया। ज्यादातर ने कहा कि वित्त मंत्री के पिटारे से शहर समेत पूर्वांचल के लिए राहत पैकेज जरूर निकलेगा। ऑनलाइन कंपनियों की मनमानी से भी राहत की आस लगाए हैं। नगर उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राकेश मिड्ढा ने कहा कि टैक्स स्लैब में बदलाव बहुत जरूरी है।

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Simplification of GST and formation of Traders Commission, discussion on general budget in Amar Ujala office
अमर उजाला कार्यालय में आम बजट पर चर्चा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एक फरवरी को पेश होने वाले आम बजट से व्यापारियों को बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार इस बार टैक्स छूट का दायरा बढ़ाने के साथ ही जीएसटी के सरलीकरण और व्यापारी आयोग के गठन पर फैसला ले सकती है। वाराणसी को भी सौगात मिलने की उम्मीद है। 

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चांदपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में रविवार को  आम बजट पर संवाद का आयोजन किया गया। ज्यादातर ने कहा कि वित्त मंत्री के पिटारे से शहर समेत पूर्वांचल के लिए राहत पैकेज जरूर निकलेगा। ऑनलाइन कंपनियों की मनमानी से भी राहत की आस लगाए हैं। नगर उद्योग व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष राकेश मिड्ढा ने कहा कि टैक्स स्लैब में बदलाव बहुत जरूरी है। विशेश्वरगंज भैरोनाथ व्यापार मंडल के मंत्री शशांक साहू ने कहा कि मंडी शुल्क बंद होना चाहिए। जीएसटी का सरलीकरण बहुत जरूरी है। महामंत्री ओम कृष्ण दास अग्रवाल ने कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम होना चाहिए, ताकि कोई व्यापारी नया कारोबार शुरू करे तो उसे भागदौड़ न करनी पड़े।  
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टेंट व्यवसायी राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि 18 प्रतिशत से टैक्स घटाकर दो फीसदी किया जाए तो भार कम होगा। व्यापार मंडल पांडेयपुर के अध्यक्ष लल्लू यादव ने कहा कि जीएसटी के नियमों में बदलाव होने चाहिए। वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत के उपाध्यक्ष प्रदीप जायसवाल ने कहा कि बजट हर वर्ग केलिए हितकारी होना चाहिए।  वाराणसी व्यापार मंडल के व्यापारी रमेश पांडेय ने कहा कि किसी पर बोझ न बढ़े और एकल व्यवस्था होनी चाहिए। आईटी सेल के अध्यक्ष संतोष सिंह और युवा व्यापारी मनीष गुप्ता ने कहा कि कुटीर उद्योग के हित का बजट होना चाहिए। वाराणसी इलेक्ट्रिक डीलर एंड कॉन्ट्रैक्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष कौशल तिवारी ने कहा कि बजट से व्यापारियों को राहत की उम्मीद है। वाराणसी व्यापार मंडल के कविंद्र जायसवाल ने कहा कि टैक्स स्लैब में बदलाव जरूरी है।  

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Simplification of GST and formation of Traders Commission, discussion on general budget in Amar Ujala office
आम बजट पर चर्चा - फोटो : अमर उजाला
बोलीं सीए
शहर की चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) सुदेशना बसु और सोनिया अग्रवाल ने कहा कि बढ़े हुए भत्ते, शिक्षा, एचआरए, मेडिकल वगैरह की धारा 80डी में भी बढ़ोतरी की जानी चाहिए। अनाज पर जीएसटी मूल्य शून्य दर पर वापस किया जाना चाहिए। कटौती बढ़ाकर छह लाख की जाए। जीएसटी काउंसिल को हर दो महीने में जीएसटी में बदलाव से बचना चाहिए। 
जिस तरह ऑनलाइन ट्रेडिंग करने वाले व्यापारियों को सहूलियत मिल रही है, उसी तरह ऑफलाइन व्यापारियों के लिए भी कुछ अच्छा किया जाए। - संजीव सिंह बिल्लू, अध्यक्ष, वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल।
 होटल में एक हजार रुपये के कमरे पर टैक्स न लगे। 12 प्रतिशत टैक्स लगने से आम आदमी पर ज्यादा बोझ बढ़ता है। - राजेश त्रिवेदी, उपाध्यक्ष, वाराणसी नगर उद्योग व्यापार मंडल 
व्यापारी आयोग का गठन बहुत जरूरी है। यह मांग कई वर्षों से हो रही है। इससे व्यापारियों को राहत मिलेगी। - प्रतीक गुप्ता, अध्यक्ष, विशेश्वरगंज भैरोनाथ व्यापार मंडल 
80सी का दायरा भी बढ़े। आम आदमी और व्यापारी को इसका लाभ मिल सके। - प्रमोद अग्रहरि, अध्यक्ष, वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत
टैक्स स्लैब में बदलाव और जीएसटी का सरलीकरण होना चाहिए। इसे समझने में पांच हजार रुपये हर महीने खर्च हो जाते हैं। 
- सन्नी जौहर, महामंत्री, वाराणसी व्यापार मंडल काशी प्रांत

 कारखाना चलाने में आ रही दिक्कतें एक ही छत के नीचे दूर करने की जरूरत है। व्यापारियों को और सहूलियत मिलनी चाहिए। - पंकज अग्रवाल,  कोषाध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति 

सरकार को सेक्शन 24(बी) के तहत ऋण कटौती की सीमा को दो लाख से बढ़ाकर पांच लाख करने पर विचार करना चाहिए। - अनुज डिडवानिया, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति 
 
इस समय व्यापारी वर्ग जीएसटी के मकड़जाल में उलझकर रह गया है। इससे निजात मिलना चाहिए। - अजीत सिंह बग्गा, अध्यक्ष, वाराणसी व्यापार मंडल
 
धारा 80 में मिलने वाली छूट की सीमा को डेढ़ लाख से बढ़ाकर ढाई लाख की जानी चाहिए। यह बड़ा मामला है। - प्रेम मिश्रा, अध्यक्ष, महानगर उद्योग व्यापार समिति

केंद्रीय व प्रदेश स्तर पर व्यापारी कल्याण आयोग का गठन होना चाहिए। यह समय की जरूरत है। बोर्ड प्रभावी नहीं है।- अशोक जायसवाल, महामंत्री, महानगर उद्योग व्यापार समिति 
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