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त्योहार पर डग्गामार वाहनों की चांदी, रोडवेज बसों में सीट पाने की रही जद्दोजहद
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मुरादाबाद के पीतलनगर रोडवेज बस स्टेशन पर रक्षाबंधन के मौके पर बस मे भीड़ होने की वजहा से बेहोश हु?
- फोटो : CITY
मुरादाबाद। रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में सीट पाने को जद्दोजहद रही। लोग सीट पाने के चक्कर में सामान और छोटे बच्चों को खिड़की से बसों में चढ़ाते नजर आए। वहीं दूसरी ओर डग्गामार वाहनों की चांदी हो गई। त्योहार पर सवारियों की भरमार रही। मजबूरी और जल्दबादी में लोगों ने ज्यादा किराया देकर भी डग्गामार वाहनों में सफर किया। अमरोहा, रामपुर, संभल, चंदौसी और बरेली के किराये में 20 से 30 रुपये तक ज्यादा वसूले गए।
रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का आदेश था। इसका असर देखने को भी मिला। रोडवेज कर्मियों के मुताबिक रक्षाबंधन के मौके पर इतनी भीड़ कई वर्षों बाद देखने को मिली। पिछले दो साल से कोरोना के कारण रोडवेज बसों में कम यात्री ही सफर कर रहे थे, लेकिन इस बार रविवार सुबह चार बजे से ही बस अड्डों पर भीड़ लग गई।
दोपहर तीन बजे तक शहर के बस अड्डे (मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो) खचाखच भरे रहे। सबसे ज्यादा भीड़ मंडल की सीमा में सफर करने वालों की रही। अमरोहा, रामपुर, संभल, चदौंसी, बिजनौर के सबसे ज्यादा यात्रियों ने सफर किया। इसके बाद दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, बरेली और शाहजहांपुर की सवारियां रहीं।
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स्थिति यह रही कि डिपो पर आते ही बसों में सवारियां भर जाती थीं। इस क्रम में काफी लोगों को जब देर तक बस नहीं मिली तो उन्होंने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। इसका फायदा उठाकर डग्गामारी कर रहे वाहन चालकों ने यात्रियों से ज्यादा किराया लिया और मोटा मुनाफा कमाया।
रोडवेज बसों और डग्गामार के किराये में अंतर
कहां से कहां किराया रोडवेज किराया निजी बस
मुरादाबाद से संभल 54 70
मुरादाबाद से चंदौसी 60 80
मुरादाबाद से रामपुर 34 45
मुरादाबाद से बरेली 102 130
मुरादाबाद से अमरोहा 33 50
बस अड्डे पर धक्कामुक्की में बेहोश हुई महिला
पीतलनगरी बस अड्डे पर बस में चढ़ने वाले लोगों की इतनी भीड़ रही कि महिलाओं व बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शीतल नाम की एक महिला धक्कामुकी में बहोश हो गई और जमीन पर गिर पड़ी। वहां मौजूद लोगों ने उसे पानी पिलाया, तब जाकर महिला होश में आई। उसके साथ दो छोटेे बच्चे भी थे। शीतल ने बताया कि वह रक्षाबंधन के लिए अपने भाई के घर बरेली जा रही हैं। इसके बाद लोगों ने महिला को बस में बैठा दिया।
बसों की खिड़कियों से महिलाओं और बच्चों को चढ़ाया
मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो पर सबसे ज्यादा भीड़ दोपहर 11 बजे से साढ़े तीन बजे तक रही। इस बीच बसों में सीट पाने की इतनी मारामारी रही कि लोगों ने बसों की खिड़कियों से महिलाओं और बच्चों को बस के अंदर चढ़ाया। इसमें दो महिलाओं के हल्की चोट भी आईं। स्थिति यह रही कि बस अड्डों पर मौजूद सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भी भीड़ नियंत्रण के लिए कोई इंतजाम न कर पाए। दो गज की दूरी और मास्क जरूरी जैसे नियम धरे रह गए।
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रक्षाबंधन के मौके पर प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का आदेश था। इसका असर देखने को भी मिला। रोडवेज कर्मियों के मुताबिक रक्षाबंधन के मौके पर इतनी भीड़ कई वर्षों बाद देखने को मिली। पिछले दो साल से कोरोना के कारण रोडवेज बसों में कम यात्री ही सफर कर रहे थे, लेकिन इस बार रविवार सुबह चार बजे से ही बस अड्डों पर भीड़ लग गई।
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दोपहर तीन बजे तक शहर के बस अड्डे (मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो) खचाखच भरे रहे। सबसे ज्यादा भीड़ मंडल की सीमा में सफर करने वालों की रही। अमरोहा, रामपुर, संभल, चदौंसी, बिजनौर के सबसे ज्यादा यात्रियों ने सफर किया। इसके बाद दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, बरेली और शाहजहांपुर की सवारियां रहीं।
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स्थिति यह रही कि डिपो पर आते ही बसों में सवारियां भर जाती थीं। इस क्रम में काफी लोगों को जब देर तक बस नहीं मिली तो उन्होंने डग्गामार वाहनों का सहारा लिया। इसका फायदा उठाकर डग्गामारी कर रहे वाहन चालकों ने यात्रियों से ज्यादा किराया लिया और मोटा मुनाफा कमाया।
रोडवेज बसों और डग्गामार के किराये में अंतर
कहां से कहां किराया रोडवेज किराया निजी बस
मुरादाबाद से संभल 54 70
मुरादाबाद से चंदौसी 60 80
मुरादाबाद से रामपुर 34 45
मुरादाबाद से बरेली 102 130
मुरादाबाद से अमरोहा 33 50
बस अड्डे पर धक्कामुक्की में बेहोश हुई महिला
पीतलनगरी बस अड्डे पर बस में चढ़ने वाले लोगों की इतनी भीड़ रही कि महिलाओं व बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शीतल नाम की एक महिला धक्कामुकी में बहोश हो गई और जमीन पर गिर पड़ी। वहां मौजूद लोगों ने उसे पानी पिलाया, तब जाकर महिला होश में आई। उसके साथ दो छोटेे बच्चे भी थे। शीतल ने बताया कि वह रक्षाबंधन के लिए अपने भाई के घर बरेली जा रही हैं। इसके बाद लोगों ने महिला को बस में बैठा दिया।
बसों की खिड़कियों से महिलाओं और बच्चों को चढ़ाया
मुरादाबाद डिपो और पीतलनगरी डिपो पर सबसे ज्यादा भीड़ दोपहर 11 बजे से साढ़े तीन बजे तक रही। इस बीच बसों में सीट पाने की इतनी मारामारी रही कि लोगों ने बसों की खिड़कियों से महिलाओं और बच्चों को बस के अंदर चढ़ाया। इसमें दो महिलाओं के हल्की चोट भी आईं। स्थिति यह रही कि बस अड्डों पर मौजूद सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक भी भीड़ नियंत्रण के लिए कोई इंतजाम न कर पाए। दो गज की दूरी और मास्क जरूरी जैसे नियम धरे रह गए।