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मानदेय प्रशिक्षकों की बहाली हो तो सिगरा स्टेडियम में शुरू हों खेल
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वाराणसी। मानदेय खेल प्रशिक्षकों की बहाली न हुई है। इससे सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाड़ियों के अभ्यास के लिए अभी और इंतजार करना होगा। वहीं स्टेडियम सहित प्रदेश भर के सैकड़ों एनआईएस खेल प्रशिक्षक बेरोजगार और आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं।
दरअसल, एक जून से सभी स्टेडियम को बगैर दर्शकों के पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए खोलने का आदेश दिया गया है। जिसके बाद प्रदेश में कई स्टेडियम खुले भी। मगर सिगरा स्टेडियम में अभी तक न तो किसी खेल प्रशिक्षक की बहाली हुई है और न ही किसी खिलाड़ी का पंजीकरण ही हुआ है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि जब तक खेल प्रशिक्षकों की निदेशालय द्वारा बहाली नहीं होगी तब तक खिलाड़ियों का प्रवेश भी स्टेडियम में वर्जित रहेगा। हालांकि स्टेडियम के पूर्व खेल प्रशिक्षकों के रिन्यूवल का प्रस्ताव भेजा गया है। बस खेल निदेशालय की मंजूरी का इंतजार है। वहीं खेल निदेशालय के निदेशक डॉ आरपी सिंह का कहना है हम सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। जल्द ही स्टेडियम में फिजिकल फिटनेस, इंडिव्यूजवल ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।
अप्रैल में हो जाती है बहाली, इस बार अटकी
वहीं दूसरी ओर यूपी एनआईएस खेल प्रशिक्षक संघ के अध्यक्ष फरहत अली खां ने बताया कि प्रति वर्ष एक अप्रैल से प्रदेश के 450 खेल प्रशिक्षकों की बहाली कर दी जाती थी। मगर इस बार कोरोना वायरस की वजह से खेल प्रशिक्षकों की बहाली पर विचार नहीं किया गया। प्रतिवर्ष मार्च में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण काल की अवधि समाप्त हो जाती है। जिसका रिन्यूवल एक अप्रैल को ही हो जाता था। जो लॉकडाउन के कारण इस बार नहीं हो सका। इसके लिए खेल निदेशालय और खेलमंत्री को पत्र व्यवहार के माध्यम से खेल प्रशिक्षकों की बदहाली से अवगत भी कराया गया। मगर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
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दरअसल, एक जून से सभी स्टेडियम को बगैर दर्शकों के पंजीकृत खिलाड़ियों के लिए खोलने का आदेश दिया गया है। जिसके बाद प्रदेश में कई स्टेडियम खुले भी। मगर सिगरा स्टेडियम में अभी तक न तो किसी खेल प्रशिक्षक की बहाली हुई है और न ही किसी खिलाड़ी का पंजीकरण ही हुआ है। क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि जब तक खेल प्रशिक्षकों की निदेशालय द्वारा बहाली नहीं होगी तब तक खिलाड़ियों का प्रवेश भी स्टेडियम में वर्जित रहेगा। हालांकि स्टेडियम के पूर्व खेल प्रशिक्षकों के रिन्यूवल का प्रस्ताव भेजा गया है। बस खेल निदेशालय की मंजूरी का इंतजार है। वहीं खेल निदेशालय के निदेशक डॉ आरपी सिंह का कहना है हम सभी पहलुओं पर विचार कर रहे हैं। जल्द ही स्टेडियम में फिजिकल फिटनेस, इंडिव्यूजवल ट्रेनिंग शुरू की जाएगी।
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अप्रैल में हो जाती है बहाली, इस बार अटकी
वहीं दूसरी ओर यूपी एनआईएस खेल प्रशिक्षक संघ के अध्यक्ष फरहत अली खां ने बताया कि प्रति वर्ष एक अप्रैल से प्रदेश के 450 खेल प्रशिक्षकों की बहाली कर दी जाती थी। मगर इस बार कोरोना वायरस की वजह से खेल प्रशिक्षकों की बहाली पर विचार नहीं किया गया। प्रतिवर्ष मार्च में प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण काल की अवधि समाप्त हो जाती है। जिसका रिन्यूवल एक अप्रैल को ही हो जाता था। जो लॉकडाउन के कारण इस बार नहीं हो सका। इसके लिए खेल निदेशालय और खेलमंत्री को पत्र व्यवहार के माध्यम से खेल प्रशिक्षकों की बदहाली से अवगत भी कराया गया। मगर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
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