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वो ढंूढने चली छप्पर, तमाशबीन बना जमाना
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2015 01:39 AM IST
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स्थान: चौकाघाट पुल, दिनः गुरुवार, समय: दोपहर करीब दो बजे। वरुणा किनारे अजीब सा कौतूहल। हजारों की भीड़, सामने 70 फीट से अधिक ऊंचे होर्डिंग स्टैंड पर चढ़ी एक महिला।
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उसे बचाने की कोशिश करते दो पुलिसकर्मी। नजारा किसी ड्रामे की तरह। महिला नशे में थी। उसे नीचे उतारने में पुलिस कर्मियों के पसीने छूट रहे थे। आखिरकार पुलिस कर्मियों ने उसे सुरक्षित नीचे उतारने में सफलता हासिल कर ली और इसी के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चले इस ड्रामे का तो पटाक्षेप हो गया लेकिन इस घटनाक्रम के पीछे का जो सच सामने आया वह मौके पर जुटे लोगों को गहरे तक झकझोर गया।
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सीलन भरी झोपड़ी में रिसता छप्पर। उसे दुरुस्त करने का न कोई उपाय न साधन। क्या किया जाए और कैसे हो जुगाड़। इसी उधेड़बुन में दो घूंट हलक से नीचे उतरे और फिर महिला छप्पर की खातिर होर्डिंग के फट चुके फ्लैक्स को उतारने के लिए चढ़ती चली गई इतनी ऊंचाई तक, जहां से अकेले बिना किसी सहारे के उतर पाना उसके लिए मुमकिन नहीं था।
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इसी बीच किसी राहगीर की नजर पड़ी तो उसने यह सोचकर हल्ला मचाया कि महिला आत्महत्या करने जा रही है। पुलिस के मुताबिक महिला पांडेयपुर स्थित झुग्गी बस्ती में रहती है। महिला से हकीकत जानने के बाद पुलिस ने उसे उसके परिवारवालों के हवाले कर दिया।