काशी में शृंगार गौरी पूजन : सत्यनारायण मंदिर और गेट 4-बी से जत्थे को मिला प्रवेश, डमरूओं की थाप से गूंजा परिसर
नवरात्र के चाैथे दिन भक्तों ने मां शृंगार गाैरी का दर्शन किया। ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के जत्थे ने विधि-विधान से मां की आरती उतारी। इस दाैरान सुरक्षा व्यवस्था काफी दुरुस्त रही।
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Chaitra Navratri 2025: बुधवार यानी चैत्र नवरात्र के चौथे दिन ज्ञानवापी स्थित शृंगार गौरी का दर्शन-पूजन हुआ। सत्यनारायण मंदिर और विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4-बी से सुबह 8.30 बजे से ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के जत्थे को प्रवेश मिला।
इस दर्शन-पूजन में महिला दर्शनार्थियों को वरीयता दी गई। सबसे आगे इनकी लाइन रही, उसके बाद बाकी सभी के दर्शन हुए। मंगलवार को मंदिर सभागार में ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद की ओर से माता शृंगार गौरी के पूजन कार्यक्रम, ज्ञानवापी व्यास जी तहखाना और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन को एक बैठक हुई थी।
इस बैठक में तय किया गया कि बीते 38 वर्षों से चली आ रही शृंगार गौरी के दर्शन की अबाध परंपरा को कायम रखने और उसके दर्शन के मौलिक स्वरूप पर गहन विचार मंथन किया गया। मंदिर प्रशासन ने विगत वर्षों के स्वरूप को ही बनाए रखने का विचार रखा, जिस पर ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद के सदस्यों ने सहमति जताई। यह भी तय हुआ कि पुलिस प्रशासन भक्तों के परंपरागत व्यवस्था में सहयोग करेगा।
यह भी तय हुआ कि सबसे आगे महिलाएं ही दर्शन करेगी ततपश्चात क्रम निर्धारण से दर्शन पूजन होगा। बैठक में कार्यपालक अधिकारी विश्वभूषण मिश्र, मंदिर प्रशासन के डिप्टी एसडीएम शंभू शरण, पुलिस उपायुक्त, सहित ज्ञानवापी मुक्ति महापरिषद से डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, अधिवक्ता अनघ शुक्ल, पतंजलि पांडेय आदि शामिल रहे।
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