Kashi Vishwanath Dham: सावन में शिवभक्तों को होंगे भव्य मणिमाला के दिव्य दर्शन, देव गैलरी और मंदिरों को दिया जा रहा अंतिम स्वरूप
श्री काशी विश्वनाथ धाम में दूसरे चरण के काम में तेजी आई है और इसको जल्द से पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है। फिलहाल मंदिरों के निर्माण का काम चल रहा है।
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नव्य, भव्य और दिव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम की भव्यता में मंदिरों की मणिमाला चार चांद लगाएगी। सावन में बाबा का दर्शन करने आने वाले शिवभक्तों को मंदिरों की भव्य मणिमाला के दिव्य दर्शन सुलभ होंगे। धाम में दूसरे चरण के काम में तेजी आई है और इसको जल्द से पूरा करने का निर्देश भी दिया गया है। फिलहाल मंदिरों के निर्माण का काम चल रहा है।
काशी विश्वनाथ धाम के उद्घाटन के बाद मंदिर में दर्शन करने वालों का तांता लगा हुआ है। शनि देव, अक्षयवट और बद्रीनाथ को जल्द ही अपने नए स्थान पर विराजित कराया जाएगा। शिव कचहरी को भी मंदिर चौक के बगल में स्थापित कराया गया है और इसमें भी काम चल रहा है। हालांकि मंदिर प्रशासन ने देव विग्रहों के दर्शन पूजन की व्यवस्था करवा दी है।
178 विग्रहों के दर्शन का होगा पुण्यलाभ
शिव कचहरी के बगल में ही शनि देव भगवान के विग्रह समेत कई विग्रहों को स्थापित किया गया है। शनि देव मंदिर के बगल में ही दो मंदिरों का और निर्माण किया जा रहा है। इसमें ही हनुमान जी और बद्रीनाथ को विराजमान कराया जाएगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम के मंदिरों की मणिमाला में श्रद्धालु भगवान का दर्शन कर रहे हैं।
शिव कचहरी भी आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दी गई है। मणिमाला के तहत आने वाले कुछ मंदिरों का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, विग्रहों के दर्शन भक्तों के लिए उपलब्ध हैं। सावन में सभी विग्रह अपने-अपने निर्धारित स्थान पर विराजमान हो जाएंगे। सावन में बाबा दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं को मणि मंदिर के संपूर्ण स्वरूप के दर्शन और परिक्रमा करने को मिलेगी।
काशी विश्वनाथ धाम परिसर के निर्माण के दौरान 139 विग्रह, 39 काशी खंडोक्त विग्रह और 27 प्राचीन देवालय प्राप्त हुए थे। बाबा के धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को शिव कचहरी, देव गैलरी, काशी खंडोक्त मंदिरों के साथ 178 विग्रह के दर्शन का पुण्यलाभ मिलेगा।
आंध्र प्रदेश के श्रद्धालुओं ने हुकुलगंज में स्थापित किया शिवलिंग
कण-कण शंकर की नगरी काशी में एक और कण जुड़ गया। बुधवार को आंध्र प्रदेश के शिवभक्तों ने वरुणा नदी के किनारे शिवलिंग की स्थापना की। पिपरहवा घाट स्थित मंदिर में शिवलिंग की स्थापना के पूर्व उसका नगर भ्रमण कराया गया। पूरा इलाका हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान होता रहा और शिवभक्तों की श्रद्धा की हिलोरें हर मन को तरंगित कर रही थीं।
आंध प्रदेश के ओंगोले नगर निगम की पार्षद सी अन्नपूर्णा के नेतृत्व में 30 सदस्यीय दल ने हुकुलगंज में वरुणा नदी के किनारे पिपरहवा घाट स्थित हनुमान मंदिर में शिवलिंग की स्थापना विधि-विधान से पूर्ण की। स्थापना से पूर्व शिवभक्तों ने शिवलिंग और नंदी महाराज को सिर पर रखकर क्षेत्र भ्रमण कराया तथा मंदिर परिसर में दक्षिण भारत की पूजा विधि से रुद्राभिषेक एवं स्थापना की गई।
इस अवसर पर भंडरा एवं प्रसाद का वितरण भी हुआ। जुलूस के साथ स्थानीय लोग भी हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए शामिल हुए। पूजा अर्चना कौम्डिम्या शास्त्री एवं नारायना शर्मा शास्त्री ने किया।