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फिर टला बड़ा हादसाः आधा किमी बिना इंजन दौड़ती रही शिवगंगा एक्सप्रेस
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Sat, 09 Sep 2017 02:19 PM IST
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शिवगंगा एक्सप्रेस की फिर टूटी कपलिंग
- फोटो : अमर उजाला
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रेल मंत्री भले ही बदल गए हो लेकिन रेलवे के हालात नहीं बदल रहे। उत्कल और शक्तिपुंज एक्सप्रेस हादसे से रेलवे अभी उबर नहीं पाया है कि शुक्रवार को फिर बड़ी लापरवाही उजागर हो गई। नई दिल्ली से मंडुवाडीह आ रही 12560 शिवगंगा एक्सप्रेस का इंजन रास्ते में ही बोगियों को छोड़कर दौड़ने लगा।
झूंसी (इलाहाबाद) से अहिमनपुर (भदोही) के बीच तीन बार कपलिंग खुलने की वजह से यह समस्या आई। हादसे की आशंका से यात्री दहशत में आ गए। इसके बाद यात्रियों को दूसरी ट्रेन से भेजा गया।
वहीं, मालगाड़ी का इंजन लगा कर शिवगंगा एक्सप्रेस को अपराह्न 2:20 बजे मंडुवाडीह स्टेशन लाया गया। इस घटना के चलते चौरीचौरा और पवन एक्सप्रेस करीब आधा घंटा देर से आईं। पूर्वोत्तर रेलवे ने मामले की जांच का आदेश दे दिया है।
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सुबह 8:25 बजे ट्रेन इलाहाबाद पहुंची थी। यहां इंजन बदलने के बाद ट्रेन रवाना हुई तो 9:05 बजे झूंसी और रामनाथपुर के बीच कपलिंग खुल गई और बोगियों को छोड़ते हुए इंजन करीब आधा किलोमीटर आगे निकल गया।
जैसे ही लोको पायलट को जानकारी हुई, उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन को रोका। कंट्रोल रूम को सूचना देने के साथ ही इंजन को बैक कर बोगियों के पास लाया। यहां कपलिंग जोड़ने के बाद ट्रेन रवाना हुई।
अभी यात्री सहज भी नहीं हुए थे कि ज्ञानपुर रोड स्टेशन और सराय जगदीश हॉल्ट के बीच किशुनदेवपुर छतमी रेलवे क्रॉसिंग के पास 10:17 बजे फिर से कपलिंग खुल गई और बोगियों को छोड़ इंजन करीब 500 मीटर आगे निकल गया। यात्रियों में खलबली मच गई।
चालक कमला प्रसाद ने इंजन को रोका और पीछे किया। यहां कैरेज स्टाफ ने कपलिंग जोड़ी तब करीब 11 बजे ट्रेन आगे बढ़ी। इसके बाद ट्रेन कुछ ही दूर आगे पहुंची थी कि ज्ञानपुर और अहिमनपुर के बीच तीसरी बार कपलिंग खुल गई।
फिर कपलिंग जोड़ने के बाद ट्रेन अहिमनपुर स्टेशन पहुंची। यहां एनाउंस किया गया कि यात्री नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट में बैठ जाएं। जिनके पास ज्यादा सामान था उनको छोड़ बाकी यात्री मंडुवाडीह सुपरफास्ट में बैठ गए।
वहीं, माधोसिंह स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी का इंजन मंगा कर शिवगंगा एक्सप्रेस में लगाया गया तब ट्रेन सुबह सात बजे की बजाय 2:20 बजे मंडुवाडीह स्टेशन पहुंची।
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झूंसी (इलाहाबाद) से अहिमनपुर (भदोही) के बीच तीन बार कपलिंग खुलने की वजह से यह समस्या आई। हादसे की आशंका से यात्री दहशत में आ गए। इसके बाद यात्रियों को दूसरी ट्रेन से भेजा गया।
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वहीं, मालगाड़ी का इंजन लगा कर शिवगंगा एक्सप्रेस को अपराह्न 2:20 बजे मंडुवाडीह स्टेशन लाया गया। इस घटना के चलते चौरीचौरा और पवन एक्सप्रेस करीब आधा घंटा देर से आईं। पूर्वोत्तर रेलवे ने मामले की जांच का आदेश दे दिया है।
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सुबह 8:25 बजे ट्रेन इलाहाबाद पहुंची थी। यहां इंजन बदलने के बाद ट्रेन रवाना हुई तो 9:05 बजे झूंसी और रामनाथपुर के बीच कपलिंग खुल गई और बोगियों को छोड़ते हुए इंजन करीब आधा किलोमीटर आगे निकल गया।
जैसे ही लोको पायलट को जानकारी हुई, उसने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर इंजन को रोका। कंट्रोल रूम को सूचना देने के साथ ही इंजन को बैक कर बोगियों के पास लाया। यहां कपलिंग जोड़ने के बाद ट्रेन रवाना हुई।
अभी यात्री सहज भी नहीं हुए थे कि ज्ञानपुर रोड स्टेशन और सराय जगदीश हॉल्ट के बीच किशुनदेवपुर छतमी रेलवे क्रॉसिंग के पास 10:17 बजे फिर से कपलिंग खुल गई और बोगियों को छोड़ इंजन करीब 500 मीटर आगे निकल गया। यात्रियों में खलबली मच गई।
चालक कमला प्रसाद ने इंजन को रोका और पीछे किया। यहां कैरेज स्टाफ ने कपलिंग जोड़ी तब करीब 11 बजे ट्रेन आगे बढ़ी। इसके बाद ट्रेन कुछ ही दूर आगे पहुंची थी कि ज्ञानपुर और अहिमनपुर के बीच तीसरी बार कपलिंग खुल गई।
फिर कपलिंग जोड़ने के बाद ट्रेन अहिमनपुर स्टेशन पहुंची। यहां एनाउंस किया गया कि यात्री नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट में बैठ जाएं। जिनके पास ज्यादा सामान था उनको छोड़ बाकी यात्री मंडुवाडीह सुपरफास्ट में बैठ गए।
वहीं, माधोसिंह स्टेशन पर खड़ी मालगाड़ी का इंजन मंगा कर शिवगंगा एक्सप्रेस में लगाया गया तब ट्रेन सुबह सात बजे की बजाय 2:20 बजे मंडुवाडीह स्टेशन पहुंची।
ट्रेन की रफ्तार कम होने से टला हादसा
शिवगंगा एक्सप्रेस की फिर टूटी कपलिंग
- फोटो : अमर उजाला
बार-बार कपलिंग खुलने के बावजूद शिवगंगा एक्सप्रेस की रफ्तार कम होने की वजह से बड़ा हादसा टल गया। जानकारों का कहना है कि ट्रेन की रफ्तार ज्यादा होती और बोगियां ढलान पर होतीं तो दुर्घटना हो सकती थी।
वहीं, इस घटना से यात्रियों में भय के साथ रोष भी व्याप्त था। मंडुवाडीह स्टेशन पर करीब साढे़ सात घंटे की देरी से पहुंची तो उनके चेहरे पर रेलवे के प्रति नाराजगी साफ दिख रही थी। दूसरी ओर, रेल अफसरों की भूमिका और यात्रियों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
इलाहाबाद-मंडुवाडीह रेल खंड पर जगह-जगह पटरी कमजोर होने की वजह से कई स्थानाें पर ट्रेनें कॉशन पर चलाई जा रही हैं। यही, वजह थी कि नई दिल्ली से मंडुवाडीह आ रही शिवगंगा एक्सप्रेस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, वर्ना दौड़ती ट्रेन की बार-बार कपलिंग की घटना बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी।
रेल अधिकारियों में चर्चा थी कि इलाहाबाद में जो इंजन ट्रेन में लगाया गया था, उसमें कपलिंग लॉक करने की व्यवस्था ही नहीं थी। सवाल उठता है कि ऐसा इंजन लगाया ही क्यों गया। वास्तव में लापरवाही कहां हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
वहीं, रूट डायवर्जन के चलते पहले ही ट्रेन घंटों देरी से चल रही थी। इसके बाद बार-बार कपलिंग खुलने से ट्रेन विलंबित होती गई। इस घटना की वजह से ट्रेन साढ़े सात घंटे की देरी से मंडुवाडीह स्टेशन पहुंची।
भूखे-प्यासे और घटना से भयभीत यात्रियों में रेलवे के प्रति खासी नाराजगी दिखी। यही नहीं, ट्रेन की एसी-पंखे और बिजली भी बंद कर दी गई थी, जिससे गर्मी और उमस से यात्री बिलबिलाते रहे।
वहीं, इस घटना से यात्रियों में भय के साथ रोष भी व्याप्त था। मंडुवाडीह स्टेशन पर करीब साढे़ सात घंटे की देरी से पहुंची तो उनके चेहरे पर रेलवे के प्रति नाराजगी साफ दिख रही थी। दूसरी ओर, रेल अफसरों की भूमिका और यात्रियों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
इलाहाबाद-मंडुवाडीह रेल खंड पर जगह-जगह पटरी कमजोर होने की वजह से कई स्थानाें पर ट्रेनें कॉशन पर चलाई जा रही हैं। यही, वजह थी कि नई दिल्ली से मंडुवाडीह आ रही शिवगंगा एक्सप्रेस की रफ्तार ज्यादा नहीं थी, वर्ना दौड़ती ट्रेन की बार-बार कपलिंग की घटना बड़े हादसे में तब्दील हो सकती थी।
रेल अधिकारियों में चर्चा थी कि इलाहाबाद में जो इंजन ट्रेन में लगाया गया था, उसमें कपलिंग लॉक करने की व्यवस्था ही नहीं थी। सवाल उठता है कि ऐसा इंजन लगाया ही क्यों गया। वास्तव में लापरवाही कहां हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
वहीं, रूट डायवर्जन के चलते पहले ही ट्रेन घंटों देरी से चल रही थी। इसके बाद बार-बार कपलिंग खुलने से ट्रेन विलंबित होती गई। इस घटना की वजह से ट्रेन साढ़े सात घंटे की देरी से मंडुवाडीह स्टेशन पहुंची।
भूखे-प्यासे और घटना से भयभीत यात्रियों में रेलवे के प्रति खासी नाराजगी दिखी। यही नहीं, ट्रेन की एसी-पंखे और बिजली भी बंद कर दी गई थी, जिससे गर्मी और उमस से यात्री बिलबिलाते रहे।