फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Shiksha Mitra Talks with UP government failed started the statewide satyagraha movement

सरकार से वार्ता विफल, शिक्षामित्रों ने शुरू किया प्रदेशव्यापी सत्याग्रह आंदोलन

Thu, 17 Aug 2017 05:57 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Thu, 17 Aug 2017 05:57 PM IST
विज्ञापन
Shiksha Mitra Talks with UP government failed started the statewide satyagraha movement
गाजीपुर में प्रदर्शन करते शिक्षामित्र - फोटो : अमर उजाला

राज्य सरकार से वार्ता विफल होने के बाद शिक्षामित्रों ने गुरुवार को प्रदेशव्यापी सत्याग्रह आंदोलन शुरू कर दिया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर शिक्षामित्रों ने पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई जिलों में सुबह करीब 10 बजे जुलूस निकाला और बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे।

विज्ञापन


यहां उन्होंने सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया। बलिया में सैंकडों की संख्या शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय पहुंचे और वहीं दरी बिछाकर बैठ गए हैं। उन्हें जनपद के कई अन्य संगठनों का समर्थन मिल रहा है।
विज्ञापन


इससे पहले शिक्षामित्रों ने दस हजार रुपये महीने मानदेय और मूल विद्यालय में पोस्टिंग के सरकार के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। सरकार से वार्ता विफल होने के बाद शिक्षामित्रों ने प्रदेश के सभी जिलों में शिक्षण कार्य का बहिष्कार कर स्कूलों में तालाबंदी और आंदोलन करने की घोषणा की है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, सरकार ने शिक्षामित्रों के आंदोलन से निपटने की तैयारी की है। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव राजप्रताप सिंह ने बुधवार को शिक्षामित्रों के प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए सचिवालय बुलाया।

सरकार ने मानदेय बढ़ाने से किया इंकार

Shiksha Mitra Talks with UP government failed started the statewide satyagraha movement
बलिया में जनांदोलन करते शिक्षामित्र - फोटो : अमर उजाला
सिंह ने शिक्षामित्रों के सामने 10,000 रुपये महीने मानदेय और मूल विद्यालय या मौजूदा विद्यालय में ही पदस्थापित रखने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने सहायक अध्यापकों की भर्ती में शिक्षामित्रों को वरीयता के प्रस्ताव पर विचार विमर्श का आश्वासन भी दिया।

दस हजार रुपये महीने मानदेय के प्रस्ताव से शिक्षा मित्र भड़क गए। उन्होंने सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए मानदेय बढ़ाने की मांग की। अपर मुख्य सचिव ने दो टूक शब्दों में मानदेय बढ़ाने से इनकार कर दिया।

शिक्षामित्र नेताओं ने कहा कि इतने वर्ष के अनुभव के बाद भी वे 10,000 रुपये महीने में पढ़ाने को तैयार नहीं है। शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनने पर 39000 रुपये महीने वेतन व भत्ते मिल रहे हैं। 10 हजार रुपये महीने में परिवार का पालन पोषण संभव नहीं है। दोनों पक्षों के अड़ने के बाद करीब पांच मिनट में ही वार्ता विफल हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed