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प्रत्याशियों के चुनावी खर्च पर निर्वाचन विभाग की पैनी नजर
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Mon, 30 Jan 2017 05:46 PM IST
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प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा 28 लाख
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विधानसभा चुनाव के लिए कमोबेश सभी प्रमुख पार्टियों ने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जिन सीटों पर घोषणा नहीं हुई है वहां भी जल्द ही कर दी जाएगी।
टिकट फाइनल होने के बाद अब उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। प्रचार के लिए जनसभाएं, बैनर, पोस्टर आदि तरीके का अपनाए जा रहे हैं। निर्वाचन विभाग प्रत्याशियों के खर्च पर पैनी नजर रख रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से इसके लिए अलग-अलग टीम बनाई है। चुनावी खर्च का ब्यौरा चुनाव आयोग और व्यय पर्यवेक्षक को भेजा जाएगा। चुनावी खर्च के संदर्भ में सभी प्रमुख पार्टियों के पदाधिकारियों को चेताया जा चुका है।
चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा 28 लाख तय की है। बैनर और पोस्टर पर मुद्रक का नाम होना जरूरी है। छपाई में कितना खर्च हुआ इसकी सिलसिलेवार रिपोर्ट निर्वाचन कार्यालय को देनी होगी।
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प्रत्याशी अपने रिटर्निंग ऑफिसर और जिला निर्वाचन कार्यालय को दे सकते हैं।
बैंकों के जरिए प्रत्याशियों के खातों के ट्रांजक्शन पर भी रखी जा रही है। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वह प्रत्याशियों के 50 हजार से ज्यादा लेनदेन पर नजर रखें और निर्वाचन कार्यालय को इसकी रिपोर्ट दें।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने इसके लिए चुनावी खर्च पर नजर रखने के जिए कोर कमेटी का गठन किया है। फरवरी के पहले सप्ताह में व्यय पर्यवेक्षक वाराणसी आने वाले हैं। उन्हें चुनावी खर्च की प्रारंभिक रिपोर्ट दी जाएगी। तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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टिकट फाइनल होने के बाद अब उम्मीदवारों ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। प्रचार के लिए जनसभाएं, बैनर, पोस्टर आदि तरीके का अपनाए जा रहे हैं। निर्वाचन विभाग प्रत्याशियों के खर्च पर पैनी नजर रख रहा है।
जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से इसके लिए अलग-अलग टीम बनाई है। चुनावी खर्च का ब्यौरा चुनाव आयोग और व्यय पर्यवेक्षक को भेजा जाएगा। चुनावी खर्च के संदर्भ में सभी प्रमुख पार्टियों के पदाधिकारियों को चेताया जा चुका है।
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चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की सीमा 28 लाख तय की है। बैनर और पोस्टर पर मुद्रक का नाम होना जरूरी है। छपाई में कितना खर्च हुआ इसकी सिलसिलेवार रिपोर्ट निर्वाचन कार्यालय को देनी होगी।
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प्रत्याशी अपने रिटर्निंग ऑफिसर और जिला निर्वाचन कार्यालय को दे सकते हैं।
बैंकों के जरिए प्रत्याशियों के खातों के ट्रांजक्शन पर भी रखी जा रही है। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वह प्रत्याशियों के 50 हजार से ज्यादा लेनदेन पर नजर रखें और निर्वाचन कार्यालय को इसकी रिपोर्ट दें।
डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने इसके लिए चुनावी खर्च पर नजर रखने के जिए कोर कमेटी का गठन किया है। फरवरी के पहले सप्ताह में व्यय पर्यवेक्षक वाराणसी आने वाले हैं। उन्हें चुनावी खर्च की प्रारंभिक रिपोर्ट दी जाएगी। तय सीमा से ज्यादा खर्च करने पर कार्रवाई की जाएगी।