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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Shankaracharya Vidhusekhar Bharati offered prayers at Kalbhairav Annapurna Temple and Sankatmochan Temple

आस्था: शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य ने की बाबा कालभैरव की पूजा, भैरवाष्टक की स्तुति, हनुमत प्रभु की उतारी आरती

Wed, 05 Feb 2025 11:49 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 05 Feb 2025 11:49 PM IST
सार

शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विधुशेखर भारती ने संकट मोचन मंदिर में दर्शन करने के साथ ही बाबा कालभैरव का आशीर्वाद लिया। साथ ही आंज्नेय स्तोत्र से स्तुति की और अन्नपूर्णा मंदिर में कुंभाभिषेक अनुष्ठान में शामिल हुए। 

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Shankaracharya Vidhusekhar Bharati offered prayers at Kalbhairav Annapurna Temple and Sankatmochan Temple
श्रीवल्लभराम शलिग्राम साडंगवेद विद्यालय में पहुंचे शंकराचार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शृंगेरी पीठ के शंकराचार्य विधुशेखर भारती ने बुधवार को भी शहर के मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव, संकट मोचन मंदिर में दर्शन-पूजन किए। अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहे कुमकुमार्चन, वेद व पुराण पारायण सहित विभिन्न अनुष्ठानों में शामिल हुए।

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शंकराचार्य सुबह बाबा कालभैरव मंदिर पहुंचे। यहां महंत राजेश मिश्रा और वीरेंद्र मिश्रा बबलू ने कुंभ देकर शंकराचार्य का स्वागत किया। शंकराचार्य ने बाबा को पंचामृत स्नान कराया। इसके बाद वस्त्र धारण कराया और आभूषण चढ़ाया। आठ तरह के 25 किलो फलों का भोग लगाकर आरती की। 
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उन्होंने श्रीआदि शंकराचार्य द्वारा रचित काल भैरवाष्टक की स्तुति की। इसके बाद वह संकट मोचन हनुमान मंदिर पहुंचे। जहां पर मंदिर के महंत विश्वंभर नाथ मिश्र ने पूर्णकुंभ देकर शंकराचार्य का स्वागत किया। शंकराचार्य ने हनुमान को तुलसी की माला, वस्त्र, लड्डू आदि अर्पित कर आरती उतारी। आंज्नेय स्तोत्र से स्तुति की।

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मंदिर की परिक्रमा के बाद उन्होंने राम दरबार के दर्शन किए। इसके बाद वह शृंगेरी मठ महमूरगंज पहुंचे। यहां मराठी, गुजराती, मारवाड़ी, बंगाली दक्षिण भारतीय आदि समाज के अनुयायियों ने पाद पूजन और भिक्षा वंदना की। प्रो. गोपबंधु मिश्र ने संस्कृत में स्वरचित अभिनंदन पत्र का भाषण कर शंकराचार्य को समर्पित किया। शंकराचार्य के साथ शृंगेरी मठ के प्रशासक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी पीए मुरली, प्रबंधक चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद, चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चल्ला सुब्बाराव, संतोष सोलापुरकर, षडानन पाठक आदि रहे।

कुंभाभिषेक : 108 वैदिक ब्राह्मणों ने किया भगवती अन्नपूर्णा का अभिषेक
अन्नपूर्णा मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय कुंभाभिषेक के पांचवें दिन बुधवार को भी 18 पुराणों और 4 वेदों का पारायण व कुमकुमार्चन आदि अनुष्ठान हुए। 108 वैदिक ब्राह्मणों ने भगवती का सविधि पूजन अर्चन के बाद पंचामृत अभिषेक किया। नूतन वस्त्र धारण कराया गया। मंत्रोच्चार के साथ हवन पूजन हुआ।

अनुष्ठान के दौरान शाम को शंकराचार्य अन्नपूर्णा मंदिर में पहुंचे। मां की नूतन प्रतिमा का अधिवास हवन, शय्याधिवास, ओंकार आदि षोडश तत्व न्यास आदि अनुष्ठानों में शामिल हुए। अनुष्ठान में प्रो. पतंजलि मिश्र, प्रो. माधव जनार्दन रटाटे, डॉ. रामनारायण द्विवेदी, रमाशंकर पांडेय, पं. मनीकुमार झा, श्रीकांत पाठक, अनंत भट्ट, बलंदुनाथ मिश्र, श्रीनिवास, पं. गोपाल रटाटे, शिवानंद गिरि, प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेन्द्र सिंह, राकेश तोमर आदि वैदिक विद्वान शामिल रहे।
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