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UP: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अदालत के आदेश का स्वागत किया, कहा- जांच से सच सामने आएगा

Sat, 21 Feb 2026 08:40 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, वाराणसी
माई सिटी रिपोर्टर, वाराणसी Published by: अनुज कुमार Updated Sat, 21 Feb 2026 08:40 PM IST
सार

प्रयागराज की विशेष पोक्सो अदालत ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में पुलिस को एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। शंकराचार्य ने इसे उचित बताते हुए कहा कि जांच और गवाही पूरी होगी, पूरा मामला झूठा साबित होगा।

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Shankaracharya Swami Avimukteshwarananda reacts to court order and said case is fake
अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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प्रयागराज की अदालत के मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मुकदमा दर्ज होगा तो जांच आगे बढ़ेगी। जांच के बाद सब साफ हो जाएगा। सच्चाई सामने आ जाएगी। मामले में देशभर की निगाह है इसलिए जांच और अदालत की प्रक्रिया जल्द निपटाई जानी चाहिए।

अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मामले की जांच जल्द पूरी की जाए। जांच में जो फर्जी है वो तो फर्जी ही सिद्ध होगा। सनातन के ऊपर आरोप किसी विधर्मी ने नहीं लगाया है। आरोप लगाने वाला हिस्ट्रीशीटर है। उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है। थाने की दीवार पर टंगे बोर्ड पर उसका नाम है। उसका काम ही लोगों पर फर्जी मुकदमा करा धन उगाही करना है। ऐसा व्यक्ति रामभद्राचार्य का शिष्य बन जाता है। 

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उनका शिष्य बनने के बाद वह व्यक्ति हम लोगों पर आरोप लगाता है। इससे जाहिर है कि यह आरोप कोई विधर्मी नहीं लगा रहा। रामभद्राचार्य का बल कहां से आता है यह सबको पता है। गोवंशों की हत्या का जो मामला उठाया जा रहा है, उसे बंद कराने के सारे प्रयत्न किए जा रहे हैं। उसी में से एक प्रयत्न यह भी है। मुकदमा दर्ज होगा तभी सही जांच होगी। बिना जांच के मामला बंद होगा तो भी आरोप लगेंगे इसलिए जांच होना जरूरी है। 
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आरोप लगाने वाले ने दो हलफनामे लगाए हैं। इनमें एक फर्जी है। यह मामला ऐसे भी हमारे पक्ष में है। चिंता वो करें जिन्होंने फर्जी मुकदमा किया है। हमारे ऊपर जो आक्षेप लगे हैं हम आम आदमी की तरह उसका खुल कर सामना करेंगे। हम आदित्यनाथ नहीं हैं। कोर्ट से यह अपील नहीं करेंगे कि मेरे ऊपर से मुकदमा हटा लीजिए।

पहली नजर में हमें न्याय मिला: शिकायतकर्ता आशुतोष पांडे
शिकायत करने वाले आशुतोष पांडे ने कहा कि आज कोर्ट ने अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद जैसे जघन्य अपराधियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश उन नाबालिग बच्चों के लिए जारी किया गया है। पहली नजर में हमें न्याय मिला है। अविमुक्तेश्वरानंद छोटे बच्चों के साथ अश्लील हरकतें, यौन अपराध करता था। एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने के साथ ही कोर्ट ने हमारे दिए गए सबूतों की जांच का भी आदेश दिया है।
 

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ इन धाराओं में एफआईआर दर्ज की मांग
एक विशेष पॉक्सो अदालत ने शनिवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। यह आदेश बच्चों के यौन शोषण के आरोपों की जांच के लिए दिया गया है। झूंसी पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी को यह प्राथमिकी दर्ज करनी होगी।

पिछले सप्ताह, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने इस मामले पर अपना निर्णय सुरक्षित रखा था। आशुतोष पांडे और अन्य द्वारा भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत एक आवेदन दायर किया गया था। अदालत ने साक्ष्यों की जांच की और पीड़ित 'बटुक' कहे जाने वाले बच्चों के बयान दर्ज किए। ये लड़के विद्या मठ आश्रम से संबंधित हैं। 

याचिकाकर्ता ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 69, 74, 75, 76, 79, 109 के तहत प्राथमिकी की मांग की थी। ये सभी धाराएं यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं। पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/5/9 और 17 के तहत भी प्राथमिकी की मांग की गई थी। अदालत ने याचिका स्वीकार कर पुलिस को जांच करने का आदेश दिया।

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