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काशी ज्योतिष पीठः शंकराचार्य के चयन के लिए महामंडल के दोनों धड़े कर रहे अब यह प्रयास
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 19 Nov 2017 02:37 PM IST
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ज्योतिष पीठ
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काशी ज्योतिष पीठ के अगले शंकराचार्य के चयन को लेकर रस्साकशी में जुटे महामंडल के दोनों पक्ष अब नए प्रयास कर रहे हैं। इस से ही अब नए शंकराचार्य के चुनाव करने की योजना है।
भारत धर्म महामंडल के दोनों धड़ों ने अब बहुमत का आंकड़ा तय करने के लिए ताकत लगा दी है। दोनों धड़ों की ओर से बुलाई गई नेशनल कौंसिल (मंत्री सभा) की बैठकें अलग-अलग तय तिथियों पर होंगी। दोनों धड़े अपनी-अपनी प्रक्रिया को संवैधानिक बताते हुए कदम आगे बढ़ा रहे हैं।
इस बीच डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी की ओर से 24 नवंबर को बुलाई गई बैठक के एजेंडे को अवैधानिक करार देते हुए जिन पांच पदाधिकारियों को महामंडल विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में चिह्नित किया गया, उन पर देर रात कार्रवाई के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।
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इन पर द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का दोबारा ज्योतिष्पीठ पर अभिषेक कराने का आरोप है। शंकराचार्य के चयन के सवाल पर खींचतान तेज होने के बाद लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल के दफ्तर में भारत धर्म महामंडल के शीर्ष पदाधिकारियों की लंबी बैठक चली। इस दौरान संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव पर विधिक राय लेने के साथ ही घंटों मंथन किया गया।
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भारत धर्म महामंडल के दोनों धड़ों ने अब बहुमत का आंकड़ा तय करने के लिए ताकत लगा दी है। दोनों धड़ों की ओर से बुलाई गई नेशनल कौंसिल (मंत्री सभा) की बैठकें अलग-अलग तय तिथियों पर होंगी। दोनों धड़े अपनी-अपनी प्रक्रिया को संवैधानिक बताते हुए कदम आगे बढ़ा रहे हैं।
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इस बीच डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी की ओर से 24 नवंबर को बुलाई गई बैठक के एजेंडे को अवैधानिक करार देते हुए जिन पांच पदाधिकारियों को महामंडल विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में चिह्नित किया गया, उन पर देर रात कार्रवाई के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया गया।
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इन पर द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद का दोबारा ज्योतिष्पीठ पर अभिषेक कराने का आरोप है। शंकराचार्य के चयन के सवाल पर खींचतान तेज होने के बाद लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल के दफ्तर में भारत धर्म महामंडल के शीर्ष पदाधिकारियों की लंबी बैठक चली। इस दौरान संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के प्रस्ताव पर विधिक राय लेने के साथ ही घंटों मंथन किया गया।
24 नवंबर की बैठक पर सबकी नजरें
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
देर शाम चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह, जनरल सेक्रेटरी प्रो. शंभूनाथ उपाध्याय के अलावा राजेश राय महामंडल के अध्यक्ष सेवानिवृत्त डीआईडी डॉ. दयानिधि मिश्र से मिले।
अध्यक्ष ने तय एजेंडे के विपरीत अलग बैठक बुलाने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया। चीफ सेक्रेटरी प्यारे सिंह ने बताया कि नेशनल कौंसिल की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बुलाई गई बैठक सात दिसंबर को होगी।
इसके अलावा किसी तरह की बैठक मान्य नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास 36 सदस्यों वाली नेशनल कौंसिल में 18 सदस्य फिलहाल एकजुट हैं। इस आधार पर वह बहुमत का आंकड़ा पार कर लेंगे। उधर, दूसरे धड़े की 24 नवंबर को बुलाई गई बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।
इस धड़े ने 11 अक्तूबर को प्यारे सिंह की अध्यक्षता में शंकराचार्य के चयन के सवाल पर हुई पहली बैठक की कार्रवाई को असंवैधानिक करार देते हुए अलग रजिस्टर बना लिया है। ऐसे में कौन भारी पड़ेगा, कहा नहीं जा सकता।
अध्यक्ष ने तय एजेंडे के विपरीत अलग बैठक बुलाने वाले पदाधिकारियों पर कार्रवाई के प्रस्ताव को स्थगित कर दिया। चीफ सेक्रेटरी प्यारे सिंह ने बताया कि नेशनल कौंसिल की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बुलाई गई बैठक सात दिसंबर को होगी।
इसके अलावा किसी तरह की बैठक मान्य नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास 36 सदस्यों वाली नेशनल कौंसिल में 18 सदस्य फिलहाल एकजुट हैं। इस आधार पर वह बहुमत का आंकड़ा पार कर लेंगे। उधर, दूसरे धड़े की 24 नवंबर को बुलाई गई बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।
इस धड़े ने 11 अक्तूबर को प्यारे सिंह की अध्यक्षता में शंकराचार्य के चयन के सवाल पर हुई पहली बैठक की कार्रवाई को असंवैधानिक करार देते हुए अलग रजिस्टर बना लिया है। ऐसे में कौन भारी पड़ेगा, कहा नहीं जा सकता।