फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Seer Govardhan: 'Mati Pujan' (worship of the soil) involving 131 ceremonial pots will take place today, followed by a procession.

सीर गोवर्धन : आज 131 कलशों का एक साथ होगा माटी पूजन, निकाली जाएगी शोभायात्रा

Tue, 28 Jul 2026 12:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jul 2026 12:21 AM IST
विज्ञापन
Seer Govardhan: 'Mati Pujan' (worship of the soil) involving 131 ceremonial pots will take place today, followed by a procession.
वाराणसी। सीर गोवर्धन स्थित संत रविदास के जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पावन माटी का संग्रह और माटी पूजन होगा। 28 और 29 जुलाई को विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 28 जुलाई को संत रविदास के स्मारक स्थल से 131 कलशों के साथ जन्मभूमि मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। यहां कलशों का विधिवत पूजन होगा। देश के विभिन्न प्रदेशों और उत्तर प्रदेश के सभी जिलों से कलश संग्रह टोलियां वाराणसी पहुंचेंगी और 131 कलशों की पूजा में शामिल होंगी।
विज्ञापन

सर्किट हाउस में भाजपा अनुसूचित वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने बताया कि संत शिरोमणि रविदास किसी एक समाज के संत नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता के महान पथप्रदर्शक हैं। उनके बेगमपुरा के समतामूलक आदर्श, सेवा, भक्ति और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। इसके माध्यम से समाज के सभी वर्गों में सामाजिक समरसता को मजबूत करने और विकसित भारत के निर्माण में सर्व समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज का दिखाया मार्ग ही ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प का मूल आधार है और यह अभियान सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता का व्यापक जनआंदोलन बनेगा। उन्होंने बताया कि जयंती वर्ष के तहत 19 जुलाई को दिल्ली में राष्ट्रीय कार्यशाला, जबकि 20 से 23 जुलाई तक प्रदेश स्तरीय कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं। 25 से 27 जुलाई तक जिला स्तरीय कार्यशालाएं हुईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन सीर गोवर्धन से अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा। संत-महात्माओं और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में पावन मिट्टी युक्त कलशों का पूजन कर उन्हें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों को सौंपा जाएगा। अतिथि सबसे पहले संत रविदास के जन्मस्थल मंदिर में पूजन करेंगे और इसके बाद स्मारक स्थल पर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत देशभर के रविदास मंदिरों, छात्रावासों और गांवों में गुरु पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

----
पांच चरणों में चलेगा राष्ट्रव्यापी अभियान
लाल सिंह आर्य ने बताया कि अभियान के तहत पांच प्रमुख चरणों में कार्यक्रम होंगे। 29 जुलाई से 10 सितंबर 2026 तक श्री गुरु रविदास महाराज कलश वंदन अभियान राष्ट्रीय, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर तक चलेगा। वहीं, 29 जुलाई से 31 अगस्त तक संत संपर्क अभियान चलेगा। इसके बाद पांच अक्तूबर से पांच नवंबर तक ‘श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा’ जालंधर से काशी तक निकाली जाएगी। यह यात्रा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर गुजरेगी। 26 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक श्रीगुरु रविदास महाराज छात्रावास संपर्क अभियान चलाया जाएगा।

----

रविदास घाट पर 11 हजार दीपों से होगा दीपोत्सव
अभियान के तहत गुरु रविदास महाराज समरसता दीप अभियान भी चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत श्रीरविदास घाट पर 11,000 दीप व श्रीरविदास स्मारक स्थल पर भी दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। 29 जुलाई को देशभर के संत श्रीगुरु रविदास महाराज के मंदिरों के साथ ही भाजपा के सभी मंडल स्तर पर भी दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed