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सफाई देखें, बाकी हम देेखेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 20 Apr 2016 01:52 AM IST
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नगर निगम सिर्फ शहर की सफाई व्यवस्था देखे। ‘हृदय’, ‘अमृत’ योजना सहित अन्य केंद्रीय विकास योजनाओं के काम नेशनल बिल्डिंग्स कांस्ट्रक्शन कारपोरेशन (एनबीसीसी) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराए जाएंगे। नवंबर में देश में शहरों की सफाई को लेकर होने वाले सर्वे में बनारस को बेहतर स्थिति में लाना बड़ी चुनौती है। लिहाजा, नगर निगम पूरा ध्यान सफाई व्यवस्था पर रखे। मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में समीक्षा बैठक के बाद ये बातें शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने कहीं। माना जा रहा है कि नगर निगम से खिन्न होकर केंद्र की योजनाओं का काम लेकर केंद्रीय एजेंसियों को देने का निर्णय शहरी विकास मंत्रालय ने लिया है। कारण कि केंद्रीय योजनाओं के तहत जो भी काम नगर निगम ने कराए हैं वे जनोपयोगी नहीं हो सके हैं।
प्रवीण प्रकाश ने कहा कि नगर निगम के पास काम ज्यादा है, अकेले नगर आयुक्त क्या-क्या करेंगे, इसलिए काम बांटा जा रहा है। केंद्र सरकार की अधिकृत एजेंसियां काशी में केंद्रीय योजनाओं का कार्यान्वयन कराएंगी। नगर निगम उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करेगा। बतौर स्वच्छ भारत मिशन डायरेक्टर बनारस की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना मेरे लिए बड़ी चुनौती है। मगर, नवंबर से पहले हर हाल में बनारस में साफ सफाई दिखेगी और खुले में शौच बंद होगा। केंद्र व राज्य सरकार और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से शहर को साफ-सुथरा बनाया जाएगा। इस दौरान सांसद आरआर पाटिल, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और जिलाधिकारी राजमणि यादव मौजूद रहे।
संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने कहा कि काशी के विकास कार्यों से संबंधित जो भी मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनमें पूछा जाता है कि केंद्र व राज्य सरकार और स्थानीय सरकार (नगर निगम) क्या चाहते हैं। इसके लिए हमें समन्वय बनाना होगा और एक बात पर सहमति बनाकर अपना जवाब रखना होगा। तभी बेहतर परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बनारस के विकास कार्यों से संबंधित मसलन घाटों पर निर्माण कार्यों पर लगी रोक, डब्ल्यूटीपी आदि से संबंधित जितने भी मामले कोर्ट में हैं अब उनमें केंद्र, राज्य और नगर निगम मिलकर पैरवी करेंगे। प्रत्येक सोमवार को मंडलायुक्त वाराणसी की अध्यक्षता में बैठक होगी। जिसमें न्यायालय में लंबित मामलों को जल्द निस्तारित कराकर रुके हुए कार्यों को शुरू कराने की रणनीति बनाई जाएगी।
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संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने कहा कि वाराणसी में हाईवे निर्माण के दौरान जमीन अधिग्रहण को लेकर जो भी विवाद सामने आ रहे हैं उन्हें राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारी जल्द सुलझाएं। एनएचएआई ने मुआवजे के लिए 1000 करोड़ रुपया जमा कर रखा है। अधिकारी देख लें और नियम के अनुसार किसानोें का जो मुआवजा बने उसे देकर काम आगे बढ़वाएं। संयुक्त सचिव ने लालपुर स्थित निर्माणाधीन ट्रेड फैसिलिटी सेंटर और गोइठहां में बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण भी किया। दोनों प्रोजेक्ट को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
'हृदय' के तहत शहर की जिन 32 सड़कों के कायाकल्प का चयन हुआ है उनके लिए और पांच करोड़ रुपया शहरी विकास मंत्रालय ने जारी किया है। इस योजना से जुड़े अधिकारियों से प्रवीण प्रकाश ने कहा कि ये सड़कें पूरी तरह से अलग दिखनी चाहिए। हृदय के तहत 80 करोड़ में से अब तक बनारस के लिए 42 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। 15 मई तक नगर निगम प्रस्ताव दे देगा तो शेष रुपये भी जारी हो जाएंगे।
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प्रवीण प्रकाश ने कहा कि नगर निगम के पास काम ज्यादा है, अकेले नगर आयुक्त क्या-क्या करेंगे, इसलिए काम बांटा जा रहा है। केंद्र सरकार की अधिकृत एजेंसियां काशी में केंद्रीय योजनाओं का कार्यान्वयन कराएंगी। नगर निगम उन्हें अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करेगा। बतौर स्वच्छ भारत मिशन डायरेक्टर बनारस की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना मेरे लिए बड़ी चुनौती है। मगर, नवंबर से पहले हर हाल में बनारस में साफ सफाई दिखेगी और खुले में शौच बंद होगा। केंद्र व राज्य सरकार और नगर निगम के संयुक्त प्रयास से शहर को साफ-सुथरा बनाया जाएगा। इस दौरान सांसद आरआर पाटिल, मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण और जिलाधिकारी राजमणि यादव मौजूद रहे।
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संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने कहा कि काशी के विकास कार्यों से संबंधित जो भी मामले न्यायालय में लंबित हैं, उनमें पूछा जाता है कि केंद्र व राज्य सरकार और स्थानीय सरकार (नगर निगम) क्या चाहते हैं। इसके लिए हमें समन्वय बनाना होगा और एक बात पर सहमति बनाकर अपना जवाब रखना होगा। तभी बेहतर परिणाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि बनारस के विकास कार्यों से संबंधित मसलन घाटों पर निर्माण कार्यों पर लगी रोक, डब्ल्यूटीपी आदि से संबंधित जितने भी मामले कोर्ट में हैं अब उनमें केंद्र, राज्य और नगर निगम मिलकर पैरवी करेंगे। प्रत्येक सोमवार को मंडलायुक्त वाराणसी की अध्यक्षता में बैठक होगी। जिसमें न्यायालय में लंबित मामलों को जल्द निस्तारित कराकर रुके हुए कार्यों को शुरू कराने की रणनीति बनाई जाएगी।
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संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने कहा कि वाराणसी में हाईवे निर्माण के दौरान जमीन अधिग्रहण को लेकर जो भी विवाद सामने आ रहे हैं उन्हें राज्य सरकार और जिला प्रशासन के अधिकारी जल्द सुलझाएं। एनएचएआई ने मुआवजे के लिए 1000 करोड़ रुपया जमा कर रखा है। अधिकारी देख लें और नियम के अनुसार किसानोें का जो मुआवजा बने उसे देकर काम आगे बढ़वाएं। संयुक्त सचिव ने लालपुर स्थित निर्माणाधीन ट्रेड फैसिलिटी सेंटर और गोइठहां में बन रहे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण भी किया। दोनों प्रोजेक्ट को निर्धारित समयावधि के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए।
'हृदय' के तहत शहर की जिन 32 सड़कों के कायाकल्प का चयन हुआ है उनके लिए और पांच करोड़ रुपया शहरी विकास मंत्रालय ने जारी किया है। इस योजना से जुड़े अधिकारियों से प्रवीण प्रकाश ने कहा कि ये सड़कें पूरी तरह से अलग दिखनी चाहिए। हृदय के तहत 80 करोड़ में से अब तक बनारस के लिए 42 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। 15 मई तक नगर निगम प्रस्ताव दे देगा तो शेष रुपये भी जारी हो जाएंगे।