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Varanasi: हिंदी की तरह अब भोजपुरी लिपि भी होगी, अगले माह विमोचन करेंगे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती

Mon, 13 Feb 2023 10:32 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Mon, 13 Feb 2023 10:32 AM IST
सार

अंग्रेजी के अलावा देश के 10 भाषाओं की मदद से भोजपुरी लिपि को तैयार किया गया है।इस लिपि एवं भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए भोजपुरी भाषी राज्यों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। 

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Script prepared in five months, Ministry of Human Resources congratulated
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हिंदी की तरह अब भोजपुरी लिपि भी होगी। इसका विमोचन अगले माह हिंदू नववर्ष चैत प्रतिपदा पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती करेंगे। इसकी मान्यता के लिए देश के राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के अलावा बिहार व यूपी के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजा गया है। इस लिपि एवं भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए भोजपुरी भाषी राज्यों में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।

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भोजपुरी को लिपिबद्घ करने वाले एडवोकेट रमेश उपाध्याय ने रविवार को पराड़कर स्मृति भवन में पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा किहिंदी के व्यंजन, स्वर, गिनती, इकाई, पहाड़ा, सवैया, अढैइया, मात्राएं, वर्ग, संधि विच्छेद एवं चिह्न को लिपिबद्घ किया गया है। भारत में 20 करोड़ से अधिक लोग भोजपुरी बोलते हैं।
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पांच और देशों में भोजपुरी बोली जाती है, फिर भी अभी तक भारत में इसे संवैधानिक दर्जा नहीं दिया गया। निश्चय ही इस लिपि से भोजपुरी भाषा और समृद्घ होगी। भोजपुरी के प्रचार-प्रसार के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इसमें सांसद व विधायकों को शामिल किया जाएगा। इसे ऑनलाइन भी किया जाएगा, ताकि लोगों को लिखने-पढ़ने में आसानी हो सके। इस सिलसिले में मानव संसाधन मंत्रालय से बधाई संदेश भी आया है।

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10 भाषाओं को मिलाकर किया तैयार

अंग्रेजी के अलावा देश के 10 भाषाओं की मदद से भोजपुरी लिपि को तैयार किया गया है। रमेश उपाध्याय ने बताया कि प्राकृत संस्कृत से ही भोजपुरी की भी उत्पत्ति हुई है। संस्कृत, असमी, फारसी, उर्दू, हिंदी आदि भाषाओं को पढ़ने और इसके उच्चारण के स्वरों अध्ययन करने के बाद कुल पांच माह में भोजपुरी लिपि को लिपिबद्घ किया है।

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