Varanasi: आज काशी विश्वनाथ धाम में बहेगी राम नाम की रसधार, महादेव को मोरारी बापू सुनाएंगे उनके आराध्य की कथा
कथावाचक मोरारी बापू सावन के तीसरे सोमवार को द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के तहत श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में महादेव को राम की कथा सुनाएंगे। सुबह 10 बजे से कथा आरंभ होगी।
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सावन के तीसरे सोमवार को भगवान शिव के धाम में राम नाम की रसधार से भक्तों के अंतर्मन अभिसिंचित होंगे। कथावाचक मोरारी बापू द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के तहत श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वनाथ को राम की कथा सुनाएंगे। बापू बाबा केदारनाथ के धाम से श्रीराम कथा की रसगंगा का प्रवाह लेकर सोमवार की सुबह 1008 भक्तों के साथ विश्वनाथ धाम पहुंचेंगे।
द्वादश ज्योतिर्लिंग रामकथा यात्रा के लिए कैलाश भारत गौरव और चित्रकूट भारत गौरव ट्रेन से बापू के साथ 1008 श्रद्धालु यात्रा कर रहे हैं। विशेष रूप से तैयार की गई इन ट्रेनों के डिब्बों के बाहरी हिस्से को 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों, सनातन धर्म के प्रमुख अभयारण्यों, तिरुपति बालाजी मंदिर और बापुना गांव के दृश्यों से सजाया गया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में सुबह 10 बजे से मोरारी बापू की कथा आरंभ होगी।
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देश के हर कोने में गूंजता रहे भगवान राम का नाम
कार्यक्रम का आयोजन इंदौर के व्यवसायी और मोरारी बापू के शिष्य रूपेश व्यास द्वारा किया गया है। मोरारी बापू ने कहा कि इस पवित्र यात्रा के माध्यम से हमारा लक्ष्य भारत की विविधता में एकता दिखाना और सनातन धर्म की समझ को बढ़ावा देना है। भगवान राम का नाम हमारे देश के हर कोने में गूंजता रहे और सभी के लिए शांति और सद्भाव के लिए प्रयास करें।
केदारनाथ से आरंभ हुई है यात्रा
द्वादश ज्योतिर्लिंग में रामकथा के दौरान आठ राज्यों की 12 हजार किलोमीटर की यात्रा होगी। केदारनाथ से शुरू हुई यात्रा आठ अगस्त को बापू के गांव गुजरात के तलगाजार्डा में संपन्न होगी। सतुआ बाबा आश्रम के महामंडलेश्वर संतोष दास ने बताया कि बापू की कथा 22 जुलाई को उत्तराखंड में केदारनाथ से आरंभ हुई है।
24 जुलाई को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, 25 जुलाई को वैद्यनाथ धाम झारखंड, 26 जुलाई को जगन्नाथ पुरी ओडिशा, 27 जुलाई को मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश, 28 और 29 जुलाई को रामेश्वर ज्योतिर्लिंग तमिलनाडु, 30 जुलाई को तिरुपति बालाजी मंदिर, 31 जुलाई को नागेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र, एक अगस्त को भीमाशंकर, दो अगस्त को त्र्यंबकेश्वर, तीन अगस्त को घृष्णेश्वर, चार अगस्त को ओंकारेश्वर, पांच अगस्त को महाकालेश्वर, छह अगस्त को द्वारिकाधीश मंदिर और नागेश्वर, सात अगस्त को सोमनाथ और आठ अगस्त को तलगाजार्डा (बापू का गांव) में यात्रा का समापन होगा।