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Sawan 2022: वाराणसी में टूट जाएगी 20 साल की कांवड़ सेवा परंपरा, पीएम से डीएम तक गुहार के बाद भी नहीं निकला हल

Sun, 17 Jul 2022 10:22 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 17 Jul 2022 10:22 AM IST
सार

 कोरोना संक्रमण के दो साल के बाद जब कांवड़ यात्रा की अनुमति मिली तो शिविर संचालकों ने धर्मशाला के प्रबंधक से संपर्क करना शुरू कर दिया। प्रबंधक ने हीलाहवाली करते हुए अभी तक धर्मशाला शिविर के लिए नहीं दी है।

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Sawan 2022: 20 years old  tradition of  Kanwar seva will broken in Varanasi even after pleading with PM to DM
कांवरिए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सावन के महीने में काशी की सेवा परंपरा का अनवरत सिलसिला इस बार थम जाएगा। 20 सालों से नियमित चली आ रही कांवड़ियों की सेवा का अनुष्ठान स्थगित होने से सेवादारों के चेहरे भी उतरे हुए हैं। पीएम से लेकर सीएम तक से गुहार लगाने के बाद भी इस दिशा में कोई निर्णय नहीं हो सका है।

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दो सालों के बाद शुरू हुई कांवड़ यात्रा से कांवड़ियों शिविरों का संचालन करने वालों में भी उत्साह था, लेकिन स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण शहर के अंदर लगने वाले कांवड़िया सेवा शिविर अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं। श्री बाबा काशी विश्वनाथ भक्त सेवा समिति की ओर से लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में सन 2000 से शिविर का संचालन किया जा रहा है।
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कोरोना संक्रमण के दो साल के बाद जब कांवड़ यात्रा की अनुमति मिली तो शिविर संचालकों ने धर्मशाला के प्रबंधक से संपर्क करना शुरू कर दिया। प्रबंधक ने हीलाहवाली करते हुए अभी तक धर्मशाला शिविर के लिए नहीं दी है। सेवा समिति के महामंत्री लक्ष्मी नारायण जायसवाल ने बताया कि कांवड़िया शिविर में कांवड़ियों के लिए निशुल्क व्यवस्था की जाती है।

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कांवड़ रखने के साथ ही जलपान, रात्रि विश्राम, गरम पानी सहित कांवड़ियों की हर जरूरत का ध्यान रखा जाता है। इस साल सिंधी धर्मशाला नहीं मिलने से हम लोग शिविर नहीं लगा पा रहे हैं। इसके लिए हमने पीएम से लेकर सीएम तक पत्र के माध्यम से गुहार लगाई थी, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका है।

शिविर नहीं लगने के कारण बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने आने वाले कांवड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि सेवा समिति अगर चाहे तो वह शिविर के संचालन के लिए दूसरा विकल्प देख सकती है, प्रशासनिक मदद की जाएगी। 

लगाए जा रहे हैं छोटे-छोटे शिविर
वाराणसी शहर में कांवड़ियों के स्वागत के लिए रथयात्रा पर छोटे-छोटे कांवड़िया शिविर लगने शुरू हो गए हैं। रविवार की शाम से ही कांवड़ियों का जत्था बनारस पहुंचना शुरू हो जाएगा। वहीं शहर की स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भी जगह-जगह छोटे-छोटे शिविर लगाकर सेवा के इंतजाम किए जाएंगे। 

पहले सोमवार को उमड़ेगा काशी में शिवभक्तों का रेला

Sawan 2022: 20 years old  tradition of  Kanwar seva will broken in Varanasi even after pleading with PM to DM
श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे कांवड़ियां - फोटो : अमर उजाला

सावन के सोमवार पर शिवभक्तों के स्वागत के लिए बाबा की नगरी में तैयारियां तेजी से चल रही हैं। बाबा के धाम से लेकर पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर शिवालयों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शिव की नगरी में सावन के पहले सोमवार पर छह लाख से अधिक शिवभक्तों के आने की संभावना है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर गोदौलिया और लक्सा तक श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग लगाने का काम शनिवार को चलता रहा। मंदिर के गेट नंबर चार से गोदौलिया और मैदागिन तक स्टील की बैरिकेडिंग लगाई है। शहर के शिवालय जागेश्वर महादेव, महामृत्युंजय मंदिर, तिलभांडेश्वर, आदि विश्वेश्वर, मोटे महादेव, ऋण मुक्तेश्वर, मनोकामेश्वर, गौरी केदारेश्वर, सारंगनाथ और शूलटंकेश्वर में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। बीएचयू स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग की गई है। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग के शिवालयों में भी तैयारियां चल रही हैं। 

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