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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर गांव-गांव गूंजे बेटी बचाओ के नारे
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 24 Jan 2017 11:31 PM IST
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कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और दहेज हत्या के खिलाफ फूंका बिगुल
- फोटो : अमर उजाला
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राष्ट्रीय बालिका दिवस पर मंगलवार को वाराणसी के ग्राम्यांचल में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की अलख जगाई गई। कहीं गोष्ठी और कार्यशाला के जरिये तो कहीं रैलियां निकाल कर कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और दहेज हत्या को रोकने, बेटियों को बेटा के बराबर हक देने और बेटियों को पढ़ाने की अपील की गई।
प्रधानमंत्री के आदर्श गांव नागेपुर में लोक समिति और उत्साह किशोरी मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों की लड़कियों ने सहभागिता की। नुक्कड़ नाटक और भाषण के जरिये लड़कियों ने अपने अधिकारों के प्रति आवाज बुलंद की।
साथ ही गांव में इंटर कॉलेज खोलने की मांग की। लड़कियों ने ‘नजरें नहीं झुकना है, आगे बढ़ते जाना है...’ और ‘बेटी बढ़ेगी, देश बढ़ेगा...’ आदि नारे लगाकर लोगों से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की अपील की।
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चोलापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित कार्यशाला में ग्राम प्रधान, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी यादव ने कन्या भ्रण हत्या कानून के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी गुंजन सिंह ने घटते लिंगानुपात को समाज के लिए बड़ा खतरा बताया।
बड़ागांव क्षेत्र के लखमीपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में मानवाधिकार जन निगरानी समिति के कार्यकर्ता मंगला प्रसाद राजभर लड़कियों को गर्भ में मार देने से घर रहे लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की।
आराजीलाइन के भीमचंडी में आयोजित कार्यक्रम में काशी सेवा शोध समिति के डॉ. टीपी सिंह ने कहा कि सामाजिक और पारिवारिक संबल मिले तो लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल सकती हैं।
शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जो सफलता की राह खोलता है। इसलिए बेटियों को पढ़ाने में कोई कोताही नहीं करनी चाहिए।
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प्रधानमंत्री के आदर्श गांव नागेपुर में लोक समिति और उत्साह किशोरी मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गांवों की लड़कियों ने सहभागिता की। नुक्कड़ नाटक और भाषण के जरिये लड़कियों ने अपने अधिकारों के प्रति आवाज बुलंद की।
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साथ ही गांव में इंटर कॉलेज खोलने की मांग की। लड़कियों ने ‘नजरें नहीं झुकना है, आगे बढ़ते जाना है...’ और ‘बेटी बढ़ेगी, देश बढ़ेगा...’ आदि नारे लगाकर लोगों से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की अपील की।
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चोलापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आयोजित कार्यशाला में ग्राम प्रधान, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरबी यादव ने कन्या भ्रण हत्या कानून के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी गुंजन सिंह ने घटते लिंगानुपात को समाज के लिए बड़ा खतरा बताया।
बड़ागांव क्षेत्र के लखमीपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में मानवाधिकार जन निगरानी समिति के कार्यकर्ता मंगला प्रसाद राजभर लड़कियों को गर्भ में मार देने से घर रहे लिंगानुपात पर चिंता जाहिर की।
आराजीलाइन के भीमचंडी में आयोजित कार्यक्रम में काशी सेवा शोध समिति के डॉ. टीपी सिंह ने कहा कि सामाजिक और पारिवारिक संबल मिले तो लड़कियां हर क्षेत्र में लड़कों से आगे निकल सकती हैं।
शिक्षा ही ऐसा माध्यम है, जो सफलता की राह खोलता है। इसलिए बेटियों को पढ़ाने में कोई कोताही नहीं करनी चाहिए।