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काशी विद्यापीठ में संविदा शिक्षकों का सत्याग्रह शुरू, न्याय न मिलने तक आंदोलन की चेतावनी

Mon, 02 Nov 2020 10:34 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Mon, 02 Nov 2020 10:34 PM IST
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Satyagraha of contractual teachers started in Kashi Vidyapeeth Varanasi warning of movement till justice
सत्याग्रह के माध्यम से आवाज बुलंद करते संविदा शिक्षक। - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 78 संविदा शिक्षकों ने अब आंदोलन का रुख अख्तियार किया है। सोमवार को प्रशासनिक भवन के सामने सत्याग्रह के माध्यम से शिक्षकों ने अपनी आवाज बुलंद की। चेतावनी दी कि न्याय न मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे। 

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महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष सत्याग्रह करने वाले शिक्षकों ने बताया कि कोरानाकाल में सरकार की ओर से किसी का भी वेतन न रोकने का निर्देश दिया गया है लेकिन विद्यापीठ प्रशासन की ओर से जुलाई माह से ही भुगतान नहीं किया जा रहा है।

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इसके पीछे की वजह है कि 30 जून 2020 को ही संविदा की अवधि समाप्त हो चुकी है। शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर वेतन रोक कर शोषण करने का आरोप लगाते हुए इस दिशा में न्याय की गुहार लगाई है।

कहा कि विश्वविद्यालय की ओर से संविदा शिक्षकों की वेबसाइट पर पड़े ई-कंटेंट को भी हटाया जा रहा है, जोकि न्याय संगत नही है। शिक्षकों ने कुलपति से वेतन दिए जाने की दिशा में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो राज्यपाल से मिलकर भी गुहार लगाएंगे। इस दौरान डॉ. आनंद प्रताप सिंह, डॉ. अविनाश सिह, सुमित कुमार घोष, डॉ. मानिक चंद पांडेय, डॉ. मनोज कुमार गौतम, दिलीप कुमार सिंह, डॉ. मनोहर लाल आदि शिक्षक मौजूद रहे। 

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