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Varanasi : स्वच्छता अधिकारी ने कार्यालय में घुसकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पीटा, पीड़ित ने बताया जान का खतरा
Sat, 17 Aug 2024 12:45 PM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Sat, 17 Aug 2024 12:45 PM IST
सार
वाराणसी में नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने नगर आयुक्त को पत्र लिखकर जोनल स्वच्छता अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि जोनल स्वच्छता अधिकारी ने कार्यालय में घुसकर उनकी पिटाई की और गाली दी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके शर्मा ने नगर आयुक्त अक्षत वर्मा पत्र लिखकर जोनल स्वच्छता प्रभारी रविचंद्र निरंजन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आरोप लगाया है कि उन्हें कायार्लय में घुसकर पीटा गया और उन्हें गालियां भी दीं।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि शुक्रवार की सुबह 11 बजे तक रामनगर कूड़ाघर से कूड़े का उठान ठीक से नहीं हुआ तो इस संबंध में उन्होंने जोनल स्वच्छता अधिकारी रविचंद्रन निरंजन को फोन किया। उन्हें 11 बजे से लेकर 12 बजे तक पांच फोन किए मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया और नंबर ब्लॉक कर दिया।
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करीब सवा 12 बजे कार्यालय आए तो मैंने पूछा कि आपने फोन क्यों नहीं उठाया, मुझे आवश्यक बात करनी थी। आपने नंबर क्यों ब्लॉक कर दिया। यह पूछने पर वह अपना आपा खो बैठे और गालियां देते हुए उन्हें पीटने लगे। कार्यालय में बैठे अन्य लोगों ने मुझे बचाया। इसके बाद जोनल स्वच्छता अधिकारी मुझे धमकी देते हुए कमरे के बाहर चले गए। वहीं इस मामले में नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने बताया कि उन्हें इस मामले की अभी जानकारी नहीं है।
नगर स्वास्थय अधिकारी ने बताया खुद की जान का खतरा
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके शर्मा ने खुद की जान को खतरे में बताया है। नगर आयुक्त से कहा कि जोनल स्वास्थ्य अधिकारी का यह काम आचरण नियमावली के खिलाफ है और आपराधिक कृत्यों की श्रेणी में आता है। इसीलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुझे इनसे जान को खतरा है, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपना काम नहीं कर सकेंगे। वह खुद को असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं। उधर जोनल स्वच्छता अधिकारी रविचंद्रन निरंजन को उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किए गए मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
नगर स्वास्थय अधिकारी ने बताया खुद की जान का खतरा
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पीके शर्मा ने खुद की जान को खतरे में बताया है। नगर आयुक्त से कहा कि जोनल स्वास्थ्य अधिकारी का यह काम आचरण नियमावली के खिलाफ है और आपराधिक कृत्यों की श्रेणी में आता है। इसीलिए इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुझे इनसे जान को खतरा है, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपना काम नहीं कर सकेंगे। वह खुद को असुरक्षित और असहाय महसूस कर रहे हैं। उधर जोनल स्वच्छता अधिकारी रविचंद्रन निरंजन को उनका पक्ष जानने के लिए कई बार फोन किए गए मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।