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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की अव्यवस्थाओं पर सपा एमएलसी ने उठाए सवाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 29 Oct 2018 04:00 PM IST
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सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश
- फोटो : self
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काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र परिषद में बनने वाले कॉरिडोर पर सपा एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी चार माह में परिषद के दो वार्डों का प्लान नहीं बना पाए हैं। वहीं इसके लिए एक करोड़ रुपये खर्च कर गुजरात की कंपनी को रखा गया है।
उन्होंने कॉरिडोर को नक्शा न बनाने के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी ध्यान आकृष्ट किया है। वीडीए से दो वार्डों दशाश्वमेध और गढ़वसी टोला के 15 मोहल्लों को विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद में चार माह पहले शामिल किया गया है। इन मोहल्लों का का मास्टर प्लान और कॉरिडोर का नक्शा बनना है।
एमएलसी का कहना है कि प्रदेश सरकार के पास आवास सचिव, वित्त सचिव, नगर विकास, पर्यटन, धर्मार्थ कार्य, डीएम सहित कई विभागों के अधिकारी और इंजीनियर हैं। इसके बाद भी ठेका दे दिया गया। वहीं परिषद में कला, वास्तुकला, संस्कृति परंपरा, साहित्य, इतिहास के जानकारों को भी शामिल न करना प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
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सपा एमएलसी ने कॉरिडोर का नक्शा नहीं बनाने और पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को विसंगतियों का समाधान करने की अपील की है। कहा कि इसके लिए परिषद की सीमाएं स्पष्ट करने के अलावा उसे कार्यों में पारदिर्शिता भी लाई जाए।
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उन्होंने कॉरिडोर को नक्शा न बनाने के बारे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी ध्यान आकृष्ट किया है। वीडीए से दो वार्डों दशाश्वमेध और गढ़वसी टोला के 15 मोहल्लों को विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद में चार माह पहले शामिल किया गया है। इन मोहल्लों का का मास्टर प्लान और कॉरिडोर का नक्शा बनना है।
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एमएलसी का कहना है कि प्रदेश सरकार के पास आवास सचिव, वित्त सचिव, नगर विकास, पर्यटन, धर्मार्थ कार्य, डीएम सहित कई विभागों के अधिकारी और इंजीनियर हैं। इसके बाद भी ठेका दे दिया गया। वहीं परिषद में कला, वास्तुकला, संस्कृति परंपरा, साहित्य, इतिहास के जानकारों को भी शामिल न करना प्रश्नचिह्न लगा रहा है।
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सपा एमएलसी ने कॉरिडोर का नक्शा नहीं बनाने और पुनर्वास व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को विसंगतियों का समाधान करने की अपील की है। कहा कि इसके लिए परिषद की सीमाएं स्पष्ट करने के अलावा उसे कार्यों में पारदिर्शिता भी लाई जाए।