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आरटीई: निजी स्कूलों को पोर्टल पर देनी होगी फीस की जानकारी
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निजी विद्यालयों में शिक्षा का अधिकार के नियमों का उल्लंघन कर तय फीस से ज्यादा लेने के मामले में बेसिक शिक्षा विभाग ने नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। अमर उजाला ने पांच जून के संस्करण में इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद विभाग ने निजी विद्यालयों पर सख्ती की है। अब निजी विद्यालयों को पोर्टल पर स्कूल में नामांकित कुल बच्चों की संख्या व फीस की जानकारी ऑनलाइन देनी होगी। आरटीई के जिला समन्वयक विमल केसरी ने बताया कि जिले में कई निजी विद्यालयों द्वारा तय शुल्क से ज्यादा लेने का मामला सामने आया था। इसे गंभीरता से लिया गया है। आगे इस तरह की अनियमितता को रोकने के लिए निजी विद्यालयों को अपना डाटा ऑनलाइन करने के साथ फीस भी ऑनलाइन करनी होगी। बता दें कि तय शुल्क से ज्यादा लेने पर 21 विद्यालयों को नोटिस जारी किया गया था।
फीस स्ट्रक्चर की होगी विभागीय जांच
विमल केशरी ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालय किसी भी नियम का उल्लंघन न करें। बीएसए द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने ब्लॉक के निजी विद्यालयों को पत्र लिखकर फीस स्ट्रक्चर को बेसिक शिक्षा कार्यालय में जमा कराएं। जिसके बाद बीएसए कार्यालय से विद्यालयों के फीस स्ट्रक्चर का ऑनलाइन फीड डाटा से मिलान किया जाएगा। विभागीय जांच में सही पाए जाने के बाद इन स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।
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फीस स्ट्रक्चर की होगी विभागीय जांच
विमल केशरी ने बताया कि आरटीई के तहत निजी विद्यालय किसी भी नियम का उल्लंघन न करें। बीएसए द्वारा सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वह अपने ब्लॉक के निजी विद्यालयों को पत्र लिखकर फीस स्ट्रक्चर को बेसिक शिक्षा कार्यालय में जमा कराएं। जिसके बाद बीएसए कार्यालय से विद्यालयों के फीस स्ट्रक्चर का ऑनलाइन फीड डाटा से मिलान किया जाएगा। विभागीय जांच में सही पाए जाने के बाद इन स्कूलों में बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा।
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