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लोकसभा चुनाव के पहले वाराणसी में होगा आरएसएस का धार्मिक समागम
संतोष सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:19 PM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
- फोटो : amar ujala
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लोकसभा चुनाव 2019 से पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने यूपी में पांच धार्मिक समागम कराने का फैसला किया है। समागम अयोध्या, वृंदावन, वाराणसी, प्रयाग और लखनऊ में इसी साल नवंबर, दिसंबर में कराया जाएगा। इसके जरिये कुंभ का महत्व बताया जाएगा। कोशिश होगी कि देश के सभी राज्यों के साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक इलाहाबाद के कुंभ मेला में आएं।
कुंभ की शुरुआत जनवरी 2019 से होगी। इससे पहले ही आरएसएस ने धार्मिक और वैचारिक जनजागरण का फैसला किया है। इसकी विस्तृत रणनीति 13-17 जुलाई के बीच गुजरात के सोमनाथ में हुई बैठक के दौरान बनी थी।
अब गोरक्ष, अवध, काशी और कानपुर के प्रांत प्रचारकों के साथ ही स्वयं सेवकों को जानकारी दी गई है। बताया गया कि धार्मिक समागम के आयोजन की तैयारी चल रही है। दरअसल, लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों का महत्व होता है। इस लिहाज से धार्मिक समागम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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यूपी में होने वाले सभी समागम राष्ट्रीय स्तर के होंगे। इसमें देश के सभी राज्यों के स्वयं सेवक हिस्सा लेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ ही तमाम पदाधिकारी भी आएंगे। सूत्रों ने बताया कि धार्मिक समागम के बहाने आरएसएस सामाजिक समरसता का संदेश देगा। कुंभ की सफलता के बहाने ही मिशन 2019 का आगाज भी होगा।
गोरक्ष प्रांत के प्रचारक मुकेश विनायक खांडेक ने कहा कि कुंभ का एतिहासिक, पौराणिक महत्व है। इसकी जानकारी देश, दुनिया को हो और वहां के लोग कुंभ में आएं। इसका सबसे अच्छा जरिया धार्मिक और वैचारिक समागम है। इसमें सरकार का सहयोग भी रहेगा।
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कुंभ की शुरुआत जनवरी 2019 से होगी। इससे पहले ही आरएसएस ने धार्मिक और वैचारिक जनजागरण का फैसला किया है। इसकी विस्तृत रणनीति 13-17 जुलाई के बीच गुजरात के सोमनाथ में हुई बैठक के दौरान बनी थी।
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अब गोरक्ष, अवध, काशी और कानपुर के प्रांत प्रचारकों के साथ ही स्वयं सेवकों को जानकारी दी गई है। बताया गया कि धार्मिक समागम के आयोजन की तैयारी चल रही है। दरअसल, लोकसभा चुनाव में यूपी की 80 सीटों का महत्व होता है। इस लिहाज से धार्मिक समागम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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यूपी में होने वाले सभी समागम राष्ट्रीय स्तर के होंगे। इसमें देश के सभी राज्यों के स्वयं सेवक हिस्सा लेंगे। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ ही तमाम पदाधिकारी भी आएंगे। सूत्रों ने बताया कि धार्मिक समागम के बहाने आरएसएस सामाजिक समरसता का संदेश देगा। कुंभ की सफलता के बहाने ही मिशन 2019 का आगाज भी होगा।
गोरक्ष प्रांत के प्रचारक मुकेश विनायक खांडेक ने कहा कि कुंभ का एतिहासिक, पौराणिक महत्व है। इसकी जानकारी देश, दुनिया को हो और वहां के लोग कुंभ में आएं। इसका सबसे अच्छा जरिया धार्मिक और वैचारिक समागम है। इसमें सरकार का सहयोग भी रहेगा।