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Varanasi: बीएचयू में RSS भवन स्थापित करने के मामले में 15 मार्च को होगी सुनवाई, इमरजेंसी में हुआ था जमींदोज
Thu, 29 Feb 2024 09:01 AM IST
वाराणसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Feb 2024 09:01 AM IST
सार
बीएचयू परिसर में आरएसएस भवन फिर से स्थापित करने के मामले में सुनवाई टल गई है। अब इस मामले में 15 मार्च को सुनवाई होगी। संघ भवन को इमरजेंसी काल में 22 फरवरी 1976 को जमींदोज कराया गया था।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक प्रथम पवन सिंह की अदालत में बुधवार को बीएचयू परिसर में स्थापित आरएसएस भवन को फिर से संचालित करने और वहां किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न न किए जाने को लेकर दाखिल वाद पर सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत के पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई की तिथि 15 मार्च तय की गई है। पिछली तिथि पर बीएचयू ने जवाबदेही दाखिल की थी।
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दरअसल, सुंदरपुर के कौशलेश नगर कॉलोनी निवासी प्रमील पांडेय ने अपने अधिवक्ता गिरीश उपाध्याय, मुकेश मिश्रा के जरिये अदालत में वाद दाखिल किया था। सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक प्रथम ने इसे संज्ञान लेते हुए बीएचयू से अपना पक्ष रखने के लिए आदेश दिया था।
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दाखिल जवाब में बीएचयू ने कहा था कि एकेडमिक कैंपस में धार्मिक संगठनों की क्या जरूरत है। उधर, दाखिल वाद में कहा गया है कि बीएचयू में वर्ष 1931 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा शुरू हुई थी।
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महामना पं. मदन मोहन मालवीय की पहल पर वर्ष 1937-38 में दो कमरों का संघ भवन बनवाया गया था। महामना ने उस समय के प्रति कुलपति राजा ज्वाला प्रसाद से भवन बनवाया था। बाद में इमरजेंसी काल में 22 फरवरी को 1976 को तत्कालीन कुलपति कालूलाल श्रीमाली के कार्यकाल में संघ भवन को रातों रात गिरवा दिया गया था।