RPF सिपाही ने छोटे भाई को मारी गोली, मां ने दर्ज कराया मुकदमा
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घटना की खबर से गांव के लोग सकते में हैं। खजुरौल निवासी आरपीएफ के सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक रामकृत के चार पुत्रों क्षत्रपति, संग्राम, शमशेर उर्फ ललित व अजित उर्फ हरीश हैं। इनमें शमशेर उर्फ ललित इलाहाबाद में आरपीएफ में सिपाही है जबकि अन्य तीन भाई घर रहकर खेती करते हैं। मंगलवार को पड़ोस की लड़की की शादी में शामिल होने के लिए शमशेर घर आया था।
बारात विदा होने पर बुधवार की रात शमशेर और उसके भाइयों ने शराब पी।। उसी दौरान चारों भाइयों में पैसे के खर्च को लेकर बहस होने लगी। शमशेर ने कहा कि वह कमा रहा है जबकि तीन भाई उसकी कमाई के पैसे और पिता की पेंशन पर मजा ले रहे हैं। ऐसा अब आगे नहीं चलेगा।
उसने कहा कि सभी भाई कोई काम कर कमाएं ताकि परिवार आगे बढ़ सके। इसी बात को लेकर शमशेर और सबसे छोटे भाई अजित के बीच कहासुनी होने लगी। मामला बढ़ने पर शमशेर ने गुस्से में अवैध असलहे से अपने छोटे भाई अजित के पेट में गोली मार दी। गोली मारने के बाद वह फरार हो गया।
उधर, गोली चलने की खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। आनन फानन में परिजन अजित(28) को ट्रामा सेंटर वाराणसी ले गए। यहां डॉक्टरों ने उसके पेट से गोली बाहर निकाली। पुलिस ने घायल की माता निर्मला की तहरीर पर शमशेर के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह का कहना है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।