ट्रेनों का पहिया घूमते ही अवैध टिकटों का खेल शुरू, आरपीएफ ने दो दलालों को पकड़कर भेजा जेल
- चंदौली जिले में अवैध रेल टिकट के साथ दो गिरफ्तार, भेजे गए जेल।
- 50 हजार रुपये के बीस तत्काल ई-टिकट बरामद।
- टिकट दलालों के खिलाफ आरपीएफ ने चलाया था अभियान।
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चंदौली जिले में यात्री ट्रेनों के शुरू होते ही ट्रेन के टिकटों की दलाली भी शुरू हो गई है। इसको देखते हुए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र की ओर से गठित जांच टीम ने जांच पड़ताल कर टिकट दलाली करने के आरोपी दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से 20 तत्काल और 50 हजार रुपये के ई टिकट बरामद हुए। दोनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। यहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
लॉकडाउन के बाद एक जून से यात्री स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया गया है। हालांकि अभी भी तत्काल टिकट नहीं मिल रहे हैं लेकिन दलाल दूसरे के नाम से टिकट बनवा रहे हैं। कई एजेंटों के पास तत्काल टिकट बने पडे हैं। लॉकडाउन की वजह से इसे वापस नहीं किया जा सका है।
रेलवे सुरक्षा बल के वरीय(वरिष्ठ) मंडल सुरक्षा आुयक्त आशीष मिश्र ने इसकी जांच के लिए आरपीएफ निरीक्षक डीडीयू संजीव कुमार और प्रभारी निरीक्षक सासाराम पीके रावत के साथ क्राइम सेल की संयुक्त टीम गठित की। टीम ने साइबर सेल की मदद से संदिग्ध जीमेल आईडी को सर्विलांस में रखकर निगरानी की।
इसमें गड़बड़ी मिलने पर सोमवार को जिले के चकिया में छापेमारी कर इंसराम अहमद खान को गिरफ्तार कर 50 हजार रुपये के बीस तत्काल ई-टिकट बरामद किए। इसी तरह भभुआ नगर में छापेमारी कर दीवान अरशद खान को बड़े पैमाने पर अवैध ई-टिकट के साथ गिरफ्तार किया।
दोनों को सासाराम और डीडीयू आरपीएफ में मुकदमा दर्ज करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया। यहां दोनों को जेल भेज दिया गया। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त आशीष मिश्र ने बताया कि अन्य कई लोगों की निगेहबानी की जा रही है। इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। रेलवे टिकटों की हेरा-फेरी नहीं होने दी जाएगी।