Ropeway In Varanasi: निविदा के लिए हरियाणा और मेरठ की कंपनी के बीच रेस, फाइनेंशियल बिड पर नजर
सुगम यातायात के लिए वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे के भूमिपूजन का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। नेशनल हाईवे लाजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से खोली गई निविदा में दो कंपनियों का चयन किया गया है।
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जाम मुक्त शहर की परिकल्पना को साकार करने के लिए वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना को धरातल पर उतारने की कवायद का पहला पड़ाव पार हो गया है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से खोली गई निविदा में दो कंपनियों का चयन किया गया है।
हरियाणा की ग्वार कंस्ट्रक्शन और मेरठ की कृष्णा कंसटेलेशन के बीच अब टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड की प्रतिस्पर्धा होगी। कैंट से गोदौलिया के बीच 3.75 किलोमीटर लंबे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए रोपवे निर्माण के लिए दो कंपनियां आगे आई हैं। कार्यदायी संस्था के रुप में चयन से पहले इन दोनों कंपनियों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा।
शुरू में कंपनियों ने नहीं दिखाई थी रुचि
फिलहाल पीपीपी माडल पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना के विकास, क्रियान्वयन, निर्माण, संचालन और रख-रखाव सुनिश्चित करने के लिए यूपी सरकार, नेशनल हाईवे लाजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड और वाराणसी विकास प्राधिकरण के बीच एमओयू हो चुका है। इसमें कार्यदायी संस्था के चयन के बाद रोपवे परियोजना धरातल पर उतर जाएगी।
यहां बता दें कि रोपवे परियोजना का डीपीआर तैयार होने के बाद कई प्रयास हुए मगर निविदा में कंपनियों ने रुचि नहीं दिखाई थी। इसके बाद नेशनल हाईवे अथारिटी से जुड़ी नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट कंपनी को परियोजना को क्रियान्वयन करने के लिए नामित किया गया है। एनएचएलएमएल की ओर से परियोजना के एलाइनमेंट का विस्तृत अध्ययन कर फिर फिजीबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर निविदा आमंत्रित की गई थी।
इसमें जिसमें पांच स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इसमें पहला स्टेशन कैंट रेलवे स्टेशन, उसके बाद काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरिजाघर क्रॉसिंग, जो टर्निंग स्टेशन होगा। अंतिम स्टेशन गोदौलिया चौराहा प्रस्तावित किया गया है। वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने कहा कि निविदा खुल गई है और दो कंपनियों ने रुचि दिखाई है। इनके बीच टेक्निकल और फाइनेंशियल बिड पर इन्हें परखा जाएगा। ,
रोपवे को लेकर आज हो सकता है बड़ा फैसला
मुख्य सचिव डा. दुर्गा शंकर मिश्रा वाराणसी के दौर पर हैं। रोपवे निर्माण में कार्यदायी संस्था के चयन से पहले शनिवार को मुख्य सचिव डा. दुर्गा शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में परियोजना की बाधाओं व भविष्य पर विस्तृत चर्चा होगी। माना जा रहा है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में विभागों की जिम्मेदारी के साथ ही भूमि पूजन, परियोजना निर्माण की समयसीमा सहित अन्य प्रमुख बिंदुओं पर निर्णय भी होगा।
इससे पहले शुक्रवार शाम रोपवे परियोजना पर काशी विद्यापीठ की आपत्तियों पर मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कुलपति प्रो आनंद त्यागी से चर्चा की। कुलपति ने बताया कि विद्यापीठ परिसर में रोपवे के टावर बनने से कई भवन प्रभावित होंगे और विश्वविद्यालय के वातावरण पर भी प्रभाव पड़ेगा। मुख्य सचिव ने आश्वासन दिया इस मामले में आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
रोपवे परियोजना एक नजर में
- लंबाई- 3.75 किलोमीटर
- बजट- 461 करोड़ रुपये
- स्टेशन की संख्या - पांच
- टर्मिनल की संख्या- दो
- ट्रॉली की क्षमता- 10
- रफ्तार - 20 किमी प्रति घंटा
- संचालन 16 घंटे
- टॉवर की संख्या - 30
- ट्रॉली की संख्या- 228
- 90 से 120 सेकेंड के अंतराल पर ट्रॉली की उपलब्धता
- एक तरफ से एक समय में 2280 यात्रियों की सुविधा
- स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी लगा चुकी है मुहर
- जमीन के लिए अधिसूचना जारी