Ropeway in Varanasi: 30 पिलर पर दौड़ेगा कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे, 15 जुलाई के बाद भूमिपूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विकास का एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। दुनिया भर से बनारस आने वाले सैलानियों को अब भीड़भाड़ वाले इलाके कैंट स्टेशन से गौदौलिया तक के सफर के लिए रोपवे की सुविधा मिलेगी।
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वाराणसी कैंट से गोदौलिया के बीच प्रस्तावित रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण के क्लीयरेंस के बाद शुरू होगा। फिलहाल 15 जुलाई को रोपवे की निविदा निकाली जाएगी और इसके बाद भूमिपूजन किया जाएगा। भूमिपूजन के बाद रोपवे रूट पर बिजली के तार और भूमिगत पेयजल, टेलीफोन सहित अन्य लाइन को शिफ्ट किया जाएगा। रविवार को मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र के निर्देश के बाद रोपवे परियोजना का निर्माण जुलाई में शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है।
प्रस्तावित रोपवे को लेकर उत्सुकता लोगों की अधिक है। वीडीए अधिकारियों के अनुसार कैंट से गोदौलिया के बीच हर 30 मीटर पर पिलर बनाया जाएगा। रोपवे के लिए स्टेशन का भी खाका खींच लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार 60 बाई 60 में रोपवे स्टेशन बनेगा।
यही नहीं, कैंट से गोदौलिया के बीच पांच बाई पांच के स्टेशन बनेंगे। टेंडर के बाद और भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। रोपवे रूट पर आने वाली अड़चनों को लेकर विभागीय अधिकारियों ने मंथन करना शुरू कर दिया है।
बिजली तार शिफ्ट के लिए 11 करोड़ का प्रस्ताव
रोपवे को लेकर अब तक के हुए सर्वे में यह बात सामने आई है कि कैंट से गोदौलिया के बीच बिजली तार को शिफ्ट करने का काम अधिक है। बिजली तार शिफ्ट के लिए 11 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया है। इस परियोजना का नोडल एजेंसी वीडीए है लेकिन जिस विभाग का काम, जहां अधिक सामने आएगा, उस जगह पर वह विभाग खुद नोडल एजेंसी बन जाएगा।
मसलन कि जल निगम पाइप लाइन, सीवर, टेलीफोन, बिजली तार, गेल इंडिया अन्य विभाग भी शामिल है। वीडीए वीसी ईशा दुहन ने कहा कि रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य विकास प्राधिकरण के क्लीयरेंस के बाद शुरू होगा। फिलहाल 15 जुलाई को रोपवे की निविदा निकाली जाएगी और इसके बाद भूमिपूजन किया जाएगा।