वाराणसी में रोपवे: जल्द दूर होंगी सारी अड़चनें, प्रमुख सचिव आवास ने प्रस्तावित रूट का किया स्थलीय निरीक्षण
रोपवे कैंट स्टेशन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने से शुरू होकर सिगरा, लक्सा होते हुए गिरिजाघर चौराहे तक जाएगा।
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वाराणसी में प्रस्तावित रोपवे परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने के लिए प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने रूट का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए कंपनी वैपकॉस के अधिकारियों के साथ मंत्रणा की।
प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी लेने के बाद शासन को अवगत कराएंगे। रोपवे कैंट स्टेशन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज के सामने से शुरू होकर सिगरा, लक्सा होते हुए गिरिजाघर चौराहे तक जाएगा।
प्रमुख सचिव शनिवार दोपहर बाद सबसे पहले दशाश्वमेध प्लाजा पहुंचे। वहां बारिश होने के चलते गोदौलिया चौराहे पर आ गए। वहां उन्होंने वैपकॉस के अधिकारियों से रोपवे रूट में आने वाली दिक्कतों के बारे में भी जानकारी ली। इसके बाद गिरिजाघर चौराहे तक जाने वाले रोपवे पर वहां की यातायात व्यवस्था को भी जाना।
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वहां से रथयात्रा चौराहे से साजन तिराहे पर पहुंचकर प्रोजेक्ट पर अधिकारियों से आने वाली दिक्कतों, समाधान पर मंथन किया। वहां से कैंट स्टेशन पंडित कमलापति त्रिपाठी इंटर कॉलेज तक निरीक्षण किया। इससे पहले उन्होंने रूद्राक्ष केंद्र को भी देखा। इसके अलावा छह करोड़ की लागत से चौकाघाट स्थित पद्यमश्री गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल के उच्चीकरण के कार्य का निरीक्षण किया।
पांच किमी लंबा है रोपवे
रोपवे की ऊंचाई 45 मीटर होगी। पांच किमी लंबा रोपवे साजन तिराहा, सिगरा, रथयात्रा, लक्सा होते हुए जाएगा। परियोजना पर 424 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। वाराणसी विकास प्राधिकरण पूरी परियोजना की नोडल एजेंसी है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर वैपकॉस कंपनी और वीडीए के बीच संसाधनों की उपलब्धता के लिए एग्रीमेंट किया गया है। रूट पर 220 ट्राली के संचालन का प्रस्ताव दिया गया है। एक समय में इसमें एक हजार से ज्यादा यात्री सफर कर पाएंगे। कैंट स्टेशन से गिरिजाघर तिराहे के बीच प्रत्येक डेढ़ मिनट पर ट्रॉली से यात्री आगे का सफर कर सकेंगे।