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Varanasi ropeway: काशी विश्वनाथ धाम की ओर बढ़ा रोपवे, टावर के लिए मिली जमीनें, खर्च हुए करीब सवा दो करोड़ रुपए
Thu, 06 Apr 2023 08:43 AM IST
किरन रौतेला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Thu, 06 Apr 2023 08:43 AM IST
सार
देश और दुनिया से वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचने वाले शिवभक्तों की काशी विश्वनाथ धाम तक की राह सुगम होगी। इसके लिए रोपवे के तीन रावरों के लिए बुधवार को जमीन मिल गई। गोदौलिया से सिगरा के बीच टावर नंबर 15, 17 और 24 के लिए आठ मालिकों की 100 वर्गमीटर से ज्यादा जमीन का बैनामा कराया गया।
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वाराणसी में रोपवे का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
देश की पहली और दुनिया की तीसरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट राेपवे परियोजना काशी विश्वनाथ धाम की ओर बढ़ चली है। कैंट से गोदौलिया के बीच रोपवे के तीन टावरों के निर्माण के लिए बुधवार को सवा दो करोड़ रुपये खर्च कर आठ जमीनों का बैनामा कराया गया। काशी विश्वनाथ धाम मॉडल पर जमीन बैनामे की प्रक्रिया में एक ही दिन में आठ रजिस्ट्री से विकास प्राधिकरण के अधिकारी उत्साहित हैं।
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देश और दुनिया से वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंचने वाले शिवभक्तों की काशी विश्वनाथ धाम तक की राह सुगम होगी। इसके लिए रोपवे के तीन रावरों के लिए बुधवार को जमीन मिल गई। गोदौलिया से सिगरा के बीच टावर नंबर 15, 17 और 24 के लिए आठ मालिकों की 100 वर्गमीटर से ज्यादा जमीन का बैनामा कराया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, 15 अप्रैल तक निजी और सरकारी संपत्तियों का बैनामा पूरा करा लिया जाएगा। इसी महीने के अंतिम सप्ताह से टावरों का निर्माण शुरू हो जाएगा। निजी संपत्तियों का बैनामा कराने के बाद सरकारी संपत्तियों के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेने की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल, रोपवे के पांच टावरों के लिए 11 जमीनों की रजिस्ट्री कराने की तैयारी पूरी कर ली गई है। तीन और लोगों से जल्द ही जमीनों का बैनामा कराया जाएगा।
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वाराणसी में रोपवे स्टेशन का मॉडल
- फोटो : अमर उजाला
पहले दो स्टेशन व तीन स्टेशन का होगा काम
जमीनों का बैनामा पूरा होने के बाद रोपवे का निर्माण तीन चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में कैंट से भारत माता मंदिर रूट पर काम होगा। कैंट व काशी विद्यापीठ स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में भारत माता मंदिर से रथयात्रा और लक्सा तक के रूट का निर्माण पूरा होगा। अंतिम चरण में लक्सा से गोदौलिया के बीच का काम कराया जाएगा।
सरकारी जमीन पर 14 टावर, निजी पर खड़े होंगे 16 टावर
30 पिलर पर चलने वाली रोपवे परियाेजना में 1.59 हेक्टेयर जमीन आपसी सहमति पर लेने की योजना है। इसमें .96 हेक्टेयर निजी जमीन पर 16 टावर खड़े होंगे और .63 सरकारी जमीन पर 14 टावर का निर्माण किया जाएगा। कैंट स्टेशन, काशी विद्यापीठ सहित अन्य संस्थाओं की जमीनों का भी उपयोग किया जाएगा।
एक नजर में
- टावर 15 के लिए जमीन के एक मालिक से बैनामा, 7.74 लाख रुपये मुआवजा दिया
- टावर 17 के लिए जमीन के तीन मालिकों में प्रत्येक को 28.88 लाख रुपये मिले
- टावर 24 की जमीन के चार मालिकों से बैनामा, प्रत्येक को 21.90 लाख रुपये दिए गए
जमीनों का बैनामा पूरा होने के बाद रोपवे का निर्माण तीन चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में कैंट से भारत माता मंदिर रूट पर काम होगा। कैंट व काशी विद्यापीठ स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में भारत माता मंदिर से रथयात्रा और लक्सा तक के रूट का निर्माण पूरा होगा। अंतिम चरण में लक्सा से गोदौलिया के बीच का काम कराया जाएगा।
सरकारी जमीन पर 14 टावर, निजी पर खड़े होंगे 16 टावर
30 पिलर पर चलने वाली रोपवे परियाेजना में 1.59 हेक्टेयर जमीन आपसी सहमति पर लेने की योजना है। इसमें .96 हेक्टेयर निजी जमीन पर 16 टावर खड़े होंगे और .63 सरकारी जमीन पर 14 टावर का निर्माण किया जाएगा। कैंट स्टेशन, काशी विद्यापीठ सहित अन्य संस्थाओं की जमीनों का भी उपयोग किया जाएगा।
एक नजर में
- टावर 15 के लिए जमीन के एक मालिक से बैनामा, 7.74 लाख रुपये मुआवजा दिया
- टावर 17 के लिए जमीन के तीन मालिकों में प्रत्येक को 28.88 लाख रुपये मिले
- टावर 24 की जमीन के चार मालिकों से बैनामा, प्रत्येक को 21.90 लाख रुपये दिए गए
पहला बैनामा करने वाली रीना सेवा रमानी परिवार के साथ विकास प्राधिकरण पहुंचीं
- फोटो : अमर उजाला
पहला बैनामा करने वाली रीना बोलीं...विकास में बनीं भागीदार
रोपवे परियोजना के लिए पहला बैनामा करने वाली रीना सेवा रमानी परिवार के साथ विकास प्राधिकरण पहुंचीं और बैनामा के बाद पूरी कार्यप्रणाली पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि अपनी जमीन देकर काशी के विकास में भागीदार बनने का मौका मिला है। हम रोपवे परियोजना को लेकर उत्साहित भी हैं।
रोपवे परियोजना के लिए आठ जमीनों का बैनामा आपसी सहमति पर कराया गया है। 15 अप्रैल तक बाकी जमीनों के बैनामे कराए जाएंगे। - राजीव जायसवाल, तहसीलदार, वाराणसी विकास प्राधिकरण
रोपवे के लिए चिन्हित जमीनों का बैनामा कराया जा रहा है। इसे जल्द ही कार्यदायी संस्था को हस्तानांतरित किया जाएगा। इससे पहले निर्माण की तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। - डा. सुनील वर्मा, सचिव, वाराणसी विकास प्राधिकरण
रोपवे परियोजना के लिए पहला बैनामा करने वाली रीना सेवा रमानी परिवार के साथ विकास प्राधिकरण पहुंचीं और बैनामा के बाद पूरी कार्यप्रणाली पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि अपनी जमीन देकर काशी के विकास में भागीदार बनने का मौका मिला है। हम रोपवे परियोजना को लेकर उत्साहित भी हैं।
रोपवे परियोजना के लिए आठ जमीनों का बैनामा आपसी सहमति पर कराया गया है। 15 अप्रैल तक बाकी जमीनों के बैनामे कराए जाएंगे। - राजीव जायसवाल, तहसीलदार, वाराणसी विकास प्राधिकरण
रोपवे के लिए चिन्हित जमीनों का बैनामा कराया जा रहा है। इसे जल्द ही कार्यदायी संस्था को हस्तानांतरित किया जाएगा। इससे पहले निर्माण की तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। - डा. सुनील वर्मा, सचिव, वाराणसी विकास प्राधिकरण