फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   road

सड़क बनाने के नाम पर लगाया गिट्टियों का ढेर, उड़ रही धूल

Thu, 29 Oct 2020 01:02 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 29 Oct 2020 01:02 AM IST
विज्ञापन
road
वाराणसी। मरम्मत के नाम पर सड़क को खोद कर छोड़ दिया गया है। सड़क किनारे गिट्टियों का ढेर लगा दिया है। लहुराबीर से मैदागिन मार्ग पर सीवर लाइन खुदाई का काम चल रहा है। मैदागिन से गोदौलिया मार्ग पर बिजली का तार डालने के लिए खुदाई करके छोड़ दियाया गया है। लहुराबीर से गिरजाघर मार्ग पर बेनियाबाग के पास सीवर पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई की गई थी। जिसे पाटा गया है। लेकिन सड़क नहीं बनाई गई है।
विज्ञापन

सड़क बनाने के नाम पर खोदी गई सड़कों से उड़ने वालीधूल से आसपास की जनता परेशान है। इसका उदाहरण चांदपुर इंडस्ट्रियल एरिया में देखा जा सकता है। यह सड़क यूपीएसआईडीसी की है। जिसकी मरम्मत का ठेका पीडब्ल्यूडी को दिया गया है। मानकों के विपरीत ठेकेदार काम कर रहे हैं। जिन पर पीडब्ल्यूडी की कोई लगाम नहीं है। पीडब्ल्यूडी ने शहर की सड़कों की मरम्मत पूरा करने के लिए 20 अक्टूबर तक का समय लिया था। समय बीतने के बाद भी सड़कों की मरम्मत का काम अब तक पूरा नहीं हुआ। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि सड़कों की मरम्मत हो चुकी है। केवल वही सड़कें बची हैं जहां खुदाई का काम चल रहा है। दूसरी कार्यदायी एजेंसियों ने सड़कों को खोदकर छोड़ दिया है। जिसका खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
विज्ञापन

चांदपुर की सड़क हमारी नहीं यूपीएसआईडीसी की है। ठेकेदार को निर्देश दिया गया है कि पानी का नियमित छिड़काव कराएं। इसके अलावा शहर की सड़कों की मरम्मत का काम पूरा हो गया है। केवल खुदाई वाली सड़कें मरम्मत नहीं की गई है। जैसे ही कार्यदायी एजेंसियां सड़कें देंगी उनकी भी मरम्मत कराई जाएगी। -एसके अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी
विज्ञापन
विज्ञापन

बनारस की सड़कों की हालत सुधरने वाली नहीं है। यहां की सड़कें साल भर खोदी जाती हैं और मरम्मत होती है। इसका खामियाजा जनता भुगतती है।-दीपक जायसवाल
सड़कों पर इतनी धूल उड़ रही है कि चलना मुश्किल हो जाता है। पानी का छिड़काव तक नहीं करते हैं। दुकानों पर धूल की मोटी परत जमा हो जाती है। -विजय शंकर गुप्ता
जितनी सड़क बनानी हो उतनी खोदते। इसके बाद उसे पूरी तरह से बनाने के बाद आगे की सड़क खोदते। तो, इतनी परेशानी जनता को न झेलनी पड़ती। -अंकित जायसवाल
दस साल में सड़क बनेगी वह भी कई महीनों में। सड़क का निर्माण कार्य अच्छे ढंग से करते तो आम जनता को दिक्कत न होती। धूल से परेशानी होती है। -संजय पाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed