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असि नदी से खिलवाड़ की अब होगी पड़ताल
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 11 May 2016 02:16 AM IST
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संकटमोचन के पास नाले के रूप में तब्दील हो चुकी असि नदी।
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असि नदी के उद्धार के लिए एक तरफ जहां जन संगठनों ने आवाज बुलंद की है, वहीं शोधार्थियों का एक दल अब इसकी समस्याओं का अध्ययन करेगा। धनबाद से नदी विशेषज्ञों और शोधार्थियों का दल अगले हफ्ते काशी आ रहा है। नदी की समस्याओं को चिह्नित कर शोध कर्ता रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजी जाएगी।
वाराणसी के अस्तित्व से जुड़ी असि नदी की रक्षा के लिए बड़े जन आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। जागरूकता के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। सत्याग्रह, हस्ताक्षर अभियान और दीपदान के बाद अब जन संगठनों ने असि संगम की बहाली के लिए जहां श्रमदान की घोषणा की है, वहीं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामंत्री नीरज पांडेय के नेतृत्व में चेतना यात्रा निकालने की तैयारी है। इसके लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच धनबाद से शोधार्थियों का एक दल काशी पहुंचने वाला है। इसमें नदी विशेषज्ञों के साथ शोधार्थी शामिल हैं। यह दल असि नदी की समस्याओं का अध्ययन करेगा।
कंचनपुर ताल से निकली आठ किमी लंबी तलहटी में हुए अतिक्रमण के अलावा उसे नाला में तब्दील किए जाने और इसके अस्तित्व से खिलवाड़ करने के कारणों की पड़ताल की जाएगी। महामना मालवीय रिसर्च इंस्टीट्यूट फार गंगा मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. यूके चौधरी ने बताया कि यह दल असि नदी की समस्याओं की पड़ताल करेगा। इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
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वाराणसी के अस्तित्व से जुड़ी असि नदी की रक्षा के लिए बड़े जन आंदोलन की रणनीति बनाई जा रही है। जागरूकता के लिए लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। सत्याग्रह, हस्ताक्षर अभियान और दीपदान के बाद अब जन संगठनों ने असि संगम की बहाली के लिए जहां श्रमदान की घोषणा की है, वहीं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महामंत्री नीरज पांडेय के नेतृत्व में चेतना यात्रा निकालने की तैयारी है। इसके लिए संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस बीच धनबाद से शोधार्थियों का एक दल काशी पहुंचने वाला है। इसमें नदी विशेषज्ञों के साथ शोधार्थी शामिल हैं। यह दल असि नदी की समस्याओं का अध्ययन करेगा।
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कंचनपुर ताल से निकली आठ किमी लंबी तलहटी में हुए अतिक्रमण के अलावा उसे नाला में तब्दील किए जाने और इसके अस्तित्व से खिलवाड़ करने के कारणों की पड़ताल की जाएगी। महामना मालवीय रिसर्च इंस्टीट्यूट फार गंगा मैनेजमेंट के निदेशक प्रो. यूके चौधरी ने बताया कि यह दल असि नदी की समस्याओं की पड़ताल करेगा। इसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी।
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