फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   river

असि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ढहाए जाएंगे अवैध निर्माण

Thu, 22 Oct 2020 01:09 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 01:09 AM IST
विज्ञापन
river
पौराणिक महत्व वाली असि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए जिला प्रशासन बड़े अभियान की तैयारी में है। नदी की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की पहल पर सर्वे शुरू किया गया है। जिलाधिकारी ने चार विभागों की संयुक्त टीम बनाई है और यह टीम सर्वे के बाद रिपोर्ट देगी। इसके बाद विकास प्राधिकरण सरकारी जमीनों पर बने अवैध भवनों को ध्वस्त करेगा। वहीं, नदी किनारे ग्रीन बेल्ट में बने अवैध भवनों को चिह्नित कर इन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

असि नदी को पुनर्जीवित करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। पिछले दिनों बीएचयू के शोध छात्रों और विशेषज्ञों ने असि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी थी। अब असि नदी के क्षेत्र का सर्वे कराकर सरकारी जमीनों को चिह्नित किया जाएगा। विकास प्राधिकरण ने नगवां व भेलूपुर के जोनल अधिकारियों को नदी के किनारे व ग्रीन बेल्ट में बने भवनों का सर्वे करने का निर्देश दिया है। सर्वे के दौरान नदी को प्रभावित करने वाले कुछ भवनों को चिह्नित भी किया गया है। नदी के सर्वे, भवनों व जमीन की पैमाइश के लिए डीएम ने जो कमेटी बनाई है, उसमें अतिरिक्त उप जिलाधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी, तहसीलदार सदर, तहसीलदार राजातालाब, जोनल अधिकारी नगर निगम भेलूपुर व जोनल अधिकारी वीडीए नगवां व भेलूपुर शामिल हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर नदी के दोनों मुहानों से अतिक्रमण हटाकर नदी को पुनर्जीवित किया जाएगा।
विज्ञापन

दो जोन में दो सौ भवन चिह्नित
वीडीए ने भवनों के सर्वे के लिए दो जोनल अधिकारियों की तैनाती कर दी है। वीडीए वीसी राहुल पांडेय रोजाना इसकी प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने संयुक्त सचिव व नगवां जोनल अधिकारी परमानंद यादव के अलावा भेलूपुर जोनल अधिकारी वीपी मिश्रा को सर्वे करने की जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक इन दोनों ने करीब सौ-सौ भवनों को चिह्नित भी किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हरित पट्टी पर लगाया जाएगा निशान
असि नदी के दोनों ओर 25-25 मीटर की हरित पट्टी वीडीए के 2031 की महायोजना में दर्शाई गई है। वहीं, राजस्व विभाग के रिकार्ड में यह नदी नाले के रूप में भले ही दर्ज हैं, लेकिन काफी चौड़ी दर्शाई गई है। जबकि मौके पर इसका वह स्वरूप नहीं दिखता है जो राजस्व नक्शे में है। असि नदी का उद्गम स्थल कंदवा तालाब है। यह नदी कंदवा तालाब से निकलकर कर्माजीतपुर, सुंदरपुर, कौशलेशनगर, रोहितनगर, साकेतनगर, संकटमोचन, नगवां होते हुए संत रविदास पार्क के पास गंगा नदी में मिलती है।
-----------------------------
असि नदी को पुनर्जीवित करने के लिए चार विभागों की संयुक्त टीम बनाई गई है। टीम की सर्वे रिपोर्ट के बाद आगे की कार्ययोजना बनाई जाएगी। हमारा प्रयास है कि पौराणिक महत्व वाली इस नदी को पुनर्जीवित किया जाए। -कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी

-----------------------
वीडीए की महायोजना 2031 में असि नदी के किनारे 25 मीटर ग्रीन बेल्ट है। इसमें बने भवनों का सर्वे शुरू किया गया है। दो जोन के अधिकारी सर्वे कर रहे हैं और सरकारी जमीनों को चिह्नित किया जा रहा है। -राहुल पांडेय, उपाध्यक्ष, विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed