भूमि अधिग्रहण में धांधलीः फर्जी मिलीं 20 पत्रावलियां, दो करोड़ का गबन आया सामने; जांच जारी
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में भूमि अधिग्रहण के फर्जी मुआवजे के मामले में जांच जारी है। हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान यहां तीन तहसीलों के 20 पत्रावलियां फर्जी पाई गईं।
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सीडीओ साईं तेजा सीलम ने बताया कि दो दिनों की जांच में अब तक तीन तहसीलों के 20 पत्रावलियां फर्जी पाई गईं। इसमें करीब दो करोड़ रुपये की अनियमितिता सामने आ रही है। जांच अभी चल रही है। शुक्रवार को भी सीडीओ ने भूमि अधिग्रहण कार्यालय के आधिकारिक बैंक खातों की करीब छह घंटे तक जांच की।
सीडीओ ने मीडिया को आगे बताया कि मामले की जांच में उनके साथ एसडीएम ज्ञान प्रकाश यादव और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इशिता किशोर भी शामिल हैं। शनिवार को तीनों लोगों ने मिलकर बदलापुर, मड़ियाहूं और मछलीशहर की पत्रावलियों की जांच की। इसमें करीब 20 दस्तावेज फर्जी पाए गए।
इन फर्जी दस्तावेजों से दो करोड़ रुपये का भुगतान कराया गया है। सीडीओ ने बताया कि मुआवजे के पैसे जिन काश्तकारों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं, उनमें से कुछ ने तो पैसे निकाल लिए हैं। कुछ ने एफडी कराया है, तो कुछ के खातों में पैसे पड़े हैं।
डीएम ने चार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी
अमर उजाला की ओर से भूमि अधिग्रहण में मुआवजे के गलत भुगतान के मामले में डीएम रविंद्र कुमार मांदड़ ने बृहस्पतिवार को भू अधिग्रहण कार्यालय का निरीक्षण किया। जांच में चार लोगों की संलिप्तता पाए जाने पर दो कर्मचारियों की संविदा खत्म करने, एक शिक्षक को नोटिस देने और कानूनगो का पटल बदलने का आदेश दिया।
क्या बोले अधिकारी
अभी सभी तहसीलों के दस्तावेजों की जांच करने में तीन से चार दिन का समय लगेगा। एक बार जांच रिपोर्ट आने के बाद सारी बातें स्पष्ट होंगी। इस धांधली में जो भी अधिकारी या कर्मचारियों की संलिप्तता पाई जाएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
साईं तेजा सीलम, सीडीओ, जौनपुर