Gyanvapi Case : इंतजामिया कमेटी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग पर रिवीजन याचिका दाखिल, 23 को जिला जज करेंगे सुनवाई
जितेंद्र सिंह विसेन ने इंतजामिया कमेटी पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। शिवलिंग के स्वरूप को बदलने और मूल स्वरूप से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्पेशल सीजेएम की अदालत से खारिज 156-3 के आवेदन के खिलाफ मंगलवार को रिवीजन याचिका दाखिल की गई। जिला जज के अवकाश पर रहने के कारण मामला प्रभारी जिला जज अपर सत्र न्यायाधीश द्वितीय रोहित रघुवंशी की अदालत में मंगलवार को पेश किया गया। अदालत ने कहा कि रिवीजन याचिका की सुनवाई जिला जज ही करेंगे। इसी के साथ अदालत ने सुनवाई की तारीख 23 जून तय कर दी।
यह याचिका विश्व वैदिक सनातन संस्था के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन की ओर से अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी, शिवम गौड़, सुभाष नंदन चतुर्वेेदी के जरिए दाखिल की गई है। पूर्व में विसेन के आवेदन को स्पेशल सीजेएम ने यह कहते हुए खारिज किया था कि मामला सिविल कोर्ट में भी चल रहा है।
लगाए गए हैं ये आरोप
विश्व वैदिक सनातन संघ ने ज्ञानवापी परिसर में साक्ष्यों के अलावा शिवलिंग को क्षति पहुंचाने के खिलाफ वाद दाखिल करने के लिए जिला न्यायालय में आवेदन दिया है। इसके अनुसार अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी और अन्य सहयोगियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। उन पर आरोप है कि मंदिर के ढांचे को क्षतिग्रस्त करके साक्ष्यों संग छेड़छाड़ और हिंदू आस्था पर कुठाराघात किया गया है।
इस मामले की सुनवाई के लिए 23 जून तारीख पड़ी है। दरअसल 30 मई को स्पेशल सीजेएम सर्वोत्तमा नागेश वर्मा की अदालत में विश्व वैदिक हिंदू सनातन संस्था के प्रमुख जितेंद्र सिंह विसेन ने अधिवक्ता अनुपम द्विवेदी के जरिए आवेदन दाखिल किया था। इसमें कहा गया था कि धार्मिक स्वरूप बदलना विशेष पूजा स्थल अधिनियम 1991 का उल्लंघन है। वजू स्थल के पास बरामद शिवलिंग के स्वरूप को बदलने का प्रयास किया गया।