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कोरोना की दूसरी लहर से रेस्टोरेंट और होटल कारोबार चौपट

Wed, 19 May 2021 01:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 19 May 2021 01:16 AM IST
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Restaurant and hotel business collapses due to second wave of Corona
वाराणसी। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए आंशिक कर्फ्यू लगाया गया है। कर्फ्यू ने शहर भर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। इन्हें करोड़ों का नुकसान हुआ है। होटलों की लगन में बुकिंग रद्द हो रही है। विदेशी पर्यटकों सहित देश के अन्य हिस्सों से आने वाले सैलानियों का भी पता नहीं है। रेस्टोरेंट की भी हालत खस्ताहाल है। कारोबारियों की माने तो कारीगर और अन्य कर्मी बेरोजगार हैं। बाहर से आए कुछ कारीगर तो वापस लौट चुके हैं।
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शहर में हजारों होटल और रेस्टोरेंट हैं। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी होने के नाते यहां विदेशी सैलानियों का भी आना लगा रहता है, लेकिन कोविड के चलते सब बंद है। ऐसे में कारोबार से जुड़े लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले साल कोरोना की वजह से ही कारोबार चौपट हुआ। साल के बीच में कुछ राहत थी। फिर से कामकाज ठप हो गया। किसी तरह से कारीगरों को वेतन दिया जा रहा है। सरकार से मांग है कि होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को भी कुछ रियायत दें। बिजली बिल सहित अन्य करों में छूट दी जाए ताकि विपदा में कुछ राहत मिल सके।
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पिछले साल से होटल कारोबार पर कोरोना का ग्रहण लगा है। शहर भर के होटल दोबारा बंद हो गए हैं। सरकार को ज्यादा कर भी इसी कारोबार से मिलता है। कर में रियायत दी जानी चाहिए।
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- गोकुल शर्मा, अध्यक्ष बनारस होटल एसोसिएशन
होटल व्यवसायियों के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है। अधिकतम वाणिज्य कर देने वालों के साथ ऐसा क्यों? न कोई ब्याज माफ हुआ न कोई सर चार्ज। क्या हमारे प्रति सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
- अमन मेहरा, मेंबर, वाराणसी होटलियर एसोसिएशन
सभी रेस्टोरेंट बंद हैं। होम डिलिवरी का भी ऑर्डर नहीं आ रहा। संक्रमण के डर से लोग कतरा रहे हैं। जैसे तैसे वेतन दिया जा रहा है। बिजली सहित अन्य करों में मिले।
- रोहित पाठक, पदाधिकारी रेस्टोरेंट ओनर्स एसोसिएशन
किसी तरह से होटल के कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है। पहले विदेशी पर्यटकों और दर्शन करने वालों की वजह से होटल के कमरे फूल रहते थे। अब खर्च निकालना भी मुश्किल है।

- अभय प्रताप सिंह, होटल कारोबारी
कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद दो साल से रेस्टोरेंट चला रहे हैं। लागत भी नही निकल पाई। रेस्टोरेंट बंद होने से कारीगरों का वेतन भी जैसे तैसे दे पा रहा हूं।
- राहुल श्रीवास्तव, रेस्टोरेंट संचालक
कर्फ्यू की वजह से रेस्टोरेंट बंद है। होम डिलिवरी का भी ऑर्डर नही आता। एक कारीगर अपने घर चला गया। दिन रात कारोबार की चिंता लगी रहती है।
- अभिनव मिश्रा, रेस्टोरेंट संचालक
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