यूपी के कालीन नगरी में बवाल भड़काना पड़ा मंहगा, प्रशासन ने उठाया बेहद सख्त कदम
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भदोही नगर में उपद्रव फैलाने के मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) की कार्रवाई की गई। कोतवाली पुलिस की रिपोर्ट पर तीनों आरोपियों पर कार्रवाई की गई। इससे अन्य आरोपियों की धुकधुकी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि अब पुलिस अज्ञात और पोस्टर वाले आरोपियों पर सख्ती करेगी।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में 20 दिसंबर को भदोही नगर के काजीपुर मोहल्ले में जुलूस निकाला गया था। इस दौरान स्टेशन रोड पर प्रशासन के रोकने के बाद बवाल हो गया था। उपद्रवियों ने करीब दो घंटे तक पुलिस पर पथराव करते रहे और दो दर्जन वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। जवाब में पुलिस ने भी लाठीचार्ज कर आंसू गैस के गोले छोड़े।
उपद्रवियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी थी। प्रकरण में पुलिस ने 27 लोगों को नामजद करते हुए 200 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके अलावा 59 आरोपियों की पोस्टर जारी किया गया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से कई उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया था।
भदोही कोतवाली पुलिस की रिपोर्ट और एसपी की संस्तुति पर सोमवार को आरोपी तनबीर हयात खां पुत्र राफिकुजमा निवासी पश्चिम तरफ, सायंम वासिक अंसारी पुत्र स्व. अली अहमद निवासी बाजार सलावत खां और मो.ताविस आर्यन पुत्र स्व.कुतुबुद्दीन निवासी काशीपुर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा तीन की उप धारा दो के तहत निरुद्ध किया गया। पुलिस सूत्रों की माने तो प्रकरण में जिन 59 आरोपियों का पोस्टर जारी किया गया है उन पर भी सख्ती की जाएगी। अलग-अलग टीमें लोकेशन ले रही है।
पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह ने बताया कि भदोही हिंसा में तीनों आरोपियों की मुख्य भूमिका रही। कोतवाली की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई। प्रकरण में जो भी दोषी है वह किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।