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एनसीएल में खुलेगा रिसर्च सेंटर, आईआईटी बीएचयू के साथ मिलकर बढ़ाएंगे क्लीन कोल का उत्पादन
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,सोनभद्र
Updated Sun, 25 Nov 2018 07:06 PM IST
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एनसीएल मुख्यालय पर करार का हस्तांतरण करते एनसीएल-आईआईटी बीएचयू के अधिकारी
- फोटो : amar ujala
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मिनी रत्न कंपनी एनसीएल पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से जल्द ही नया आयाम स्थापित करती नजर आएगी। इसके लिए एनसीएल अपने यहां एक रिसर्च सेंटर स्थापित करेगा, जिससें नई तकनीक और कार्यप्रणाली पर शोध किया जाएगा। इससे जहां क्लीन कोयले के उत्पादन का बढ़ावा मिलेगा।
वहीं रैक लोडिंग के दौरान कोयले की नुकसानी कम करने और मांग के मुताबिक तेज आपूर्ति करने में मदद मिलेगी। राष्ट्र की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के साथ ही एनसीएल पर कोयला उत्पादन और प्रेषण दोनों का दबाव बढ़ता जा रहा है।
इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए एनसीएल ने कंपनी की जरूरतों के मुताबिक पर्यावरण संरक्षण में सहायक नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली के विकास के लिए आईआईटी बीएचयू के साथ एमओयू (करार) किया है।
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एमओयू पर एनसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक पीके सिन्हा के मार्गदर्शन में महाप्रबंधक कॉपोर्रेट प्लानिंग एवं आरएंडडी प्रमुख सतीश झा और आईआईटी बीएचयू की ओर से डीन आरएंडडी प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने हस्ताक्षर किए हैं।
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वहीं रैक लोडिंग के दौरान कोयले की नुकसानी कम करने और मांग के मुताबिक तेज आपूर्ति करने में मदद मिलेगी। राष्ट्र की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के साथ ही एनसीएल पर कोयला उत्पादन और प्रेषण दोनों का दबाव बढ़ता जा रहा है।
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इन्हीं प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए एनसीएल ने कंपनी की जरूरतों के मुताबिक पर्यावरण संरक्षण में सहायक नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली के विकास के लिए आईआईटी बीएचयू के साथ एमओयू (करार) किया है।
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एमओयू पर एनसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक पीके सिन्हा के मार्गदर्शन में महाप्रबंधक कॉपोर्रेट प्लानिंग एवं आरएंडडी प्रमुख सतीश झा और आईआईटी बीएचयू की ओर से डीन आरएंडडी प्रोफेसर राजीव प्रकाश ने हस्ताक्षर किए हैं।
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर ने समझौता ज्ञापन पत्र हस्तांतरित किया
एनसीएल और आईआईटी बीएचयू के बीच शोध कार्यों के लिए एमओयू हस्ताक्षर के दौरान उपस्थित अधिकारी
- फोटो : amar ujala
शनिवार को एनसीएल मुख्यालय में कंपनी के निदेशक तकनीकी संचालन गुणाधर पाण्डेय और आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर पीके जैन ने समझौता ज्ञापन पत्र हस्तांतरित किया। इस साझेदारी से एनसीएल में साइंस एंड अप्लाइड रिसर्च अलायंस एंड सपोर्ट एसएआरएएस नाम से रिसर्च सेंटर की स्थापना की जाएगी।
इसमें आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिक/प्रोफेसर और शोध छात्र एनसीएल की जरूरतों के मुताबिक नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली पर शोध करेंगे, जिन्हें परीक्षण के बाद कंपनी कार्यों में अपनाया जाएगा। शोध में कोल वेस्टेज कम से कम करने, कोयले के त्वरित प्रेषण में कंपनी के मौजूदा संसाधनों के समुचित उपयोग, नए संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एनसीएल के विभिन्न कार्यों से संबंधित प्रोजेक्ट के सहज क्रियान्वयन के लिए भी साझा शोध होगा। कोयला खनन में आधुनिक माइनिंग टेक्नॉलाजी के प्रयोग से क्लीन कोल के उत्पादन और कोयला उत्पादन के दौरान निकलने वाले बाई प्रॉडक्ट के समुचित प्रयोग पर भी काम करेंगे।
इसमें आईआईटी बीएचयू के वैज्ञानिक/प्रोफेसर और शोध छात्र एनसीएल की जरूरतों के मुताबिक नई तकनीक एवं कार्यप्रणाली पर शोध करेंगे, जिन्हें परीक्षण के बाद कंपनी कार्यों में अपनाया जाएगा। शोध में कोल वेस्टेज कम से कम करने, कोयले के त्वरित प्रेषण में कंपनी के मौजूदा संसाधनों के समुचित उपयोग, नए संसाधनों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एनसीएल के विभिन्न कार्यों से संबंधित प्रोजेक्ट के सहज क्रियान्वयन के लिए भी साझा शोध होगा। कोयला खनन में आधुनिक माइनिंग टेक्नॉलाजी के प्रयोग से क्लीन कोल के उत्पादन और कोयला उत्पादन के दौरान निकलने वाले बाई प्रॉडक्ट के समुचित प्रयोग पर भी काम करेंगे।