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जब नहीं सुनी एसपी सहित किसी ने फरियाद, तो फिर कोर्ट में लगाई गुहार, तब पीड़िता को मिला न्याय
Mon, 10 Feb 2020 09:00 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,बलिया
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Mon, 10 Feb 2020 09:00 AM IST
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यूपी पुलिस की कार्यशैली बड़े और रसूखदारों लोगों का नाम आते ही कैसे पक्षपातपूर्ण हो जाती है। इसका उदाहरण बलिया जिले में मिला जब एक दुष्कर्म पीड़िता विधवा ने स्थानीय थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक तक से गुहार लगाई, पर किसी ने भी साथ नहीं दिया। अंत में हारकर जब पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, तब जाकर आरोपित के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर हल्दी पुलिस ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता एके गौतम के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जिसके बाद से बिजली विभाग में खलबली मची है।
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थाना क्षेत्र के एक गांव निवासिनी विधवा महिला ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड बलिया के विद्युत वितरण खण्ड चतुर्थ के अधिशासी अभियंता एके गौतम पर आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 25 सितम्बर 2019 की शाम अधिशासी अभियंता अपने चार पांच विद्युत कर्मियों के साथ मेरे घर आये और विद्युत कनेक्शन नही होने का कहकर गाली देते हुए जेल भेजने की धमकी देने लगे। जिस पर मैंने कहा कि मैं गरीब विधवा तथा अकेली हूं और मेरा कनेक्शन फार्म भरा गया है लेकिन अभी रसीद नही मिली है।
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जिस पर अधिशासी अभियंता ने कहा कि चलो दिखाओ बिजली पर क्या-क्या जलाती हो और मेरे घर में घुस गए। अंदर आकर मेरा हाथ पकड़ लिए और जबरजस्ती मेरे मुँह में कपड़ा ठूंसकर दुष्कर्म किया और जाते समय धमकी देते गये कि अगर ये बात किसी से बताई तो फर्जी मुकदमे में फसा दूंगा। बाद जब मैंने अपने पड़ोसियों से अपनी आप बीती सुनाई तथा उनके सहयोग से हल्दी थाने पर लिखित सूचना दी। इसके बाद अन्य आला अधिकारियों सहित पुलिस अधीक्षक से कई बार मिली, लेकिन किसी ने नही सुनी। अंत मे पीड़िता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर गुरुवर को हल्दी पुलिस ने आरोपी अधिशासी अभियंता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है।
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