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पीएम मोदी के बेहद करीबी हैं रामनाथ कोविद, लोकसभा चुनाव में थे प्रभारी
amarujala.com- Written by: गुंजन श्रीवास्तव
Updated Tue, 20 Jun 2017 02:22 PM IST
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pm modi ramnath kovid
- फोटो : अमर उजाला
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लंबे इंतजार के बाद भारतीय जनता पार्टी ने देश के 14वें राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम का एलान कर दिया। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद को राजग की ओर से प्रत्याशी बनाया है।
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रामनाथ कोविद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं। यही वजह है कि उन्हें वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान काशी क्षेत्र का चुनाव प्रभारी बनाया गया था। रामनाथ कोविद उस समय पार्टी के महामंत्री भी थे।
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विवादों से दूर रहकर काम करने वाले रामनाथ कोविद पार्टी ने भरोसा जताते लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी और उसके आसपास का जिम्मा उन्हें सौंपा था। रामनाथ कोविद ने पार्टी के इस फैसले को चुनौती के रुप में लिया और काशी क्षेत्र की बंजर जमीन पर कमल खिलाकर इतिहास रच दिया।
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उनके सफल रणनीति का ही नतीजा था कि पार्टी ने काशी क्षेत्र की 14 लोकसभा सीटों में से 13 पर विजय हासिल की। इससे पहले हुए विधानसभा चुनाव में काशी क्षेत्र की 71 सीटों में मात्र चार सीटें भाजपा के पास थीं।
काशी क्षेत्र की हर सीट का किया अध्ययन, संभाला बूथ मैनेजमेंट
ramnath kovind
उनके जानने वाले बताते हैं कि बेहद सौम्य स्वभाव के रामनाथ कोविद लोकसभा चुनाव में चुनाव प्रचारकों से लेकर बूथ मैनेजमेंट तक पर अपनी पैनी नजर रखते थे। इस काम में उनकी मदद करते थे संघ के पदाधिकारी।
लोकसभा चुनाव के दौरान वह बनारस में हमेशा संघ के कार्यालय में रहे और यही से उन्होंने विजय श्री की सफल रणनीति बनाई। रामनाथ कोविद के पास संगठन का अपार अनुभव था जिसका पूरा फायदा उन्होंने लोकसभा चुनाव में उठाया।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना था कि काशी क्षेत्र में अगर जीत मिलेगी तभी यूपी में भाजपा लीड ले पाएगी। इसीलिए उन्होंने अपने सबसे भरोसेमंद सिपाही पर दांव खेला। रामनाथ कोविद ने पर्दे के पीछे रहकर भगीरथ प्रयास किया।
उन्होंने हर क्षेत्र का अध्ययन कर वहां के जातीय समीकरण और प्रमुख मुद्दों को पहचाना। इसी के आधार पर उन्होंने चुनाव प्रचारकों को उक्त क्षेत्रों में भेजा। उनके संगठन कौशल के मुरीद भाजपा के वरिष्ठ नेता और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य भी हैं।
लक्ष्मण आचार्य ने बताया कि इन्हीं के नेतृत्व में लोकसभा पूरा चुनाव प्रचार किया गया। उनकी रणनीति का नतीजा है कि भाजपा ने काशी क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया।
लोकसभा चुनाव के दौरान वह बनारस में हमेशा संघ के कार्यालय में रहे और यही से उन्होंने विजय श्री की सफल रणनीति बनाई। रामनाथ कोविद के पास संगठन का अपार अनुभव था जिसका पूरा फायदा उन्होंने लोकसभा चुनाव में उठाया।
भाजपा के रणनीतिकारों का मानना था कि काशी क्षेत्र में अगर जीत मिलेगी तभी यूपी में भाजपा लीड ले पाएगी। इसीलिए उन्होंने अपने सबसे भरोसेमंद सिपाही पर दांव खेला। रामनाथ कोविद ने पर्दे के पीछे रहकर भगीरथ प्रयास किया।
उन्होंने हर क्षेत्र का अध्ययन कर वहां के जातीय समीकरण और प्रमुख मुद्दों को पहचाना। इसी के आधार पर उन्होंने चुनाव प्रचारकों को उक्त क्षेत्रों में भेजा। उनके संगठन कौशल के मुरीद भाजपा के वरिष्ठ नेता और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य भी हैं।
लक्ष्मण आचार्य ने बताया कि इन्हीं के नेतृत्व में लोकसभा पूरा चुनाव प्रचार किया गया। उनकी रणनीति का नतीजा है कि भाजपा ने काशी क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया।