फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Ramnagar Ramlila Kaikeyi stubbornness overshadows joy of Ayodhya Lord Rama is exiled for 14 years

रामनगर की रामलीला: अयोध्या के आनंद पर छाई कैकेयी की हठ, प्रभु राम को मिला 14 वर्ष का वनवास; सभी मायूस

Sat, 03 Oct 2026 05:56 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 03 Oct 2026 05:56 AM IST
सार

रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला में अयोध्या कांड का भावपूर्ण मंचन हुआ। कैकेयी की हठ के कारण अयोध्या का आनंद शोक में बदल गया। राजा दशरथ ने राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को राजपाट देने का वचन निभाया। राम के वन जाने की सूचना से नगरवासी व्यथित हुए। मंचन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।

विज्ञापन
Ramnagar Ramlila Kaikeyi stubbornness overshadows joy of Ayodhya Lord Rama is exiled for 14 years
पात्रों ने अपनी लीला से सभी को भावुक कर दिया। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अवध उजारि कीन्हि कैकेईं, दीन्हिसि अचल बिपति कै नेईं... अर्थात् कैकेयी ने अयोध्या को उजाड़ कर दिया और पूरी नगरी पर संकट के बादल खड़े कर दिए। राम को 14 वर्ष का वनवास मिलने से पूरी अयोध्या में शोक छा गया। अभी कल ही अयोध्या नगरी श्रीराम के राजतिलक के उल्लास में डूबी हुई थी, लेकिन समय के फेर ने सारी खुशियों को असह्य पीड़ा में बदल दिया।

विज्ञापन


रामनगर की रामलीला के आठवें दिन शुक्रवार को श्रीराम राज्याभिषेक संभारंभ एवं कोपभवन प्रसंग का मंचन हुआ। कैकेयी की हठधर्मिता और दो वचनों की मांग के चलते पूरी अयोध्या शोक और अवसाद के गहरे साए में डूब गई। इसी मंचन के साथ रामलीला में भावुक अयोध्या कांड की शुरुआत हुई।

विज्ञापन

लीला प्रसंग के अनुसार, महाराज दशरथ ने दर्पण में श्वेत बाल देखकर कुलगुरु वशिष्ठ की सम्मति से श्रीराम को युवराज पद सौंपने का निर्णय लिया। अयोध्या में राजतिलक की तैयारियां देख देवराज इंद्र सशंकित हो उठे कि राजपद मिलने से श्रीराम का अवतारी उद्देश्य अधूरा न रह जाए। उन्होंने माता सरस्वती से हस्तक्षेप की प्रार्थना की। देव प्रेरणा से सरस्वती ने कैकेयी की दासी मंथरा की मति फेर दी। मंथरा ने कुटिल युक्तियों से कैकेयी को भड़काकर राजा दशरथ के दो वचनों की याद दिलाई और भरत के लिए राजपाठ तथा राम के लिए चौदह वर्ष के वनवास की मांग का षड्यंत्र रचा।

कुचक्र में फंसकर रानी कैकेयी कोपभवन चली गईं। उन्हें मनाने पहुंचे महाराज दशरथ ने जब कैकेयी की कठोर मांग सुनी तो वे स्तब्ध रह गए। सूर्यवंश के लिए कुल्हाड़ी न बनो की गुहार लगाते हुए राजा दशरथ विलाप करने लगे और अचेत होकर गिर पड़े। सेवक की सूचना पर पहुंचे महामंत्री सुमंत भी यह दृश्य देखकर व्याकुल हो उठे। कैकेयी के आदेश पर जब श्रीराम कोपभवन पहुंचे और उन्हें वचनों की जानकारी मिली तो उन्होंने रघुकुल की मर्यादा और पिता के वचन की रक्षा के लिए सहर्ष वन गमन स्वीकार कर लिया। 

मूर्छित दशरथ ने श्रीराम को केवल अश्रुपूरित नेत्रों से गले लगाया, किंतु उनके मुख से शब्द न फूटे। वन गमन की आज्ञा लेने जब श्रीराम माता कौशल्या के पास पहुंचे तो उन्होंने पुत्र को हृदय से लगाकर चिरंजीवी होने का आशीष दिया। उसी समय सीता जी ने भी सास के चरण स्पर्श किए, जिस पर माता कौशल्या ने उन्हें अखंड सौभाग्यवती होने का वरदान दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आरती के उपरांत कोपभवन की लीला को विश्राम दिया गया।

विज्ञापन

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ श्रीराम-जानकी विवाह, विदाई देख भावुक हुए श्रद्धालु
शिवपुर। रामलीला में शुक्रवार की रात श्रीराम बारात महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। फूलों से सुसज्जित रथों पर भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न गुरु विश्वामित्र व राजा दशरथ के साथ निकले। बैंड-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आकर्षक विद्युत झांकियों के साथ निकली बारात का क्षेत्रीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा, आरती और आतिशबाजी कर स्वागत किया। बारात जब जनकपुरी बने मंच पर पहुंची, तो बारातियों का पारंपरिक स्वागत हुआ।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीराम और माता सीता के विवाह की सभी रस्में संपन्न हुईं। जयमाला, कन्यादान और सिंदूरदान का अलौकिक दृश्य देख दर्शक भाव-विभोर हो गए। इसके बाद माता सीता के अयोध्या प्रस्थान की मार्मिक विदाई झांकी ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं। अंत में शयन झांकी के साथ लीला को विश्राम दिया गया। देर रात तक हजारों श्रद्धालु जय श्रीराम के जयघोष लगाते रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed