रामलीला: सिंहासन पर विराजे श्रीराम, काशीराज परिवार ने जमीन पर बैठकर झुकाया सिर; श्री रामचंद्र के जयकारे
रामलीला के दौरान अयोध्या मैदान में श्रीराम के सिंहासन पर विराजमान होते ही जयकारे गूंज उठे। काशीराज परिवार ने जमीन पर बैठकर सिर झुकाया और प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा प्रकट की। इस अवसर पर घर-घर दीप जलाए गए। रामभक्तों में उत्साह रहा। रविवार भोर में भव्य राजगद्दी आरती का आयोजन होगा।
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रामलीला के 29वें दिन शनिवार को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के भव्य राज्याभिषेक का मंचन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जिस रामराज्य की प्रतीक्षा सदियों से थी, वह दृश्य जीवंत होते ही संपूर्ण अयोध्या नगरी और रामनगर मैदान प्रभु श्री रामचंद्र के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।
भरत द्वारा खड़ाऊं रखकर राजकाज चलाने के त्याग का कालखंड पूर्ण हुआ और अपने वास्तविक स्वामी को पाकर अयोध्या का राजसिंहासन भी सुशोभित हो गया। र अयोध्यावासियों ने घर-घर घी के दीप जलाकर रातभर उत्सव मनाया।
लीला प्रसंग के अनुसार, कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ ने सूर्य के समान दैदीप्यमान दिव्य सिंहासन मंगवाया। श्रीराम ने गुरु चरणों में प्रणाम कर देवी सीता के साथ सिंहासन ग्रहण किया। वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के बीच गुरु वशिष्ठ ने प्रभु का तिलक कर राज्याभिषेक किया।
राज्याभिषेक के बाद काशीराज परिवार की परंपरा का निर्वहन करते हुए डॉ. अनंत नारायण सिंह व राजपरिवार के सदस्यों ने राजा राम के समक्ष नजर (भेंट) अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया। ब्राह्मणों को वस्त्र और दक्षिणा दी गई। प्रभु राम ने लंका विजय में सहयोगी रहे अपने वनवासी मित्रों और वानर वीरों को पास बुलाकर उनके समर्पण की सराहना की तथा वस्त्र-आभूषण भेंट कर सम्मानपूर्वक विदाई दी।
प्रभु राजा राम के दिव्य दर्शन के लिए अयोध्या मैदान में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरी रात श्रीराम, माता सीता और तीनों भाइयों के साथ भक्तों को दर्शन देते रहे। कुंवर अनंत नारायण सिंह किले से पैदल चलकर अयोध्या मैदान पहुंचे और जमीन पर बैठकर पूरी श्रद्धा के साथ राज्याभिषेक की लीला देखी।
भोर में होगी राजगद्दी की महाआरती : रामनगर की विश्व प्रसिद्ध लीला का रविवार को समापन होगा। भाेर में चार बजे राजगद्दी की महाआरती होगी। वहीं सुबह 10 बजे से तीन बजे तक किला परिसर में मौजूद काले हनुमान के दर्शन होंगे। इसके बाद शाम में श्रीराम उपवन विहार, सनकादिक मिलन और पुरजनोपदेश की लीला होगी।
प्रभु का हुआ राज्याभिषेक : विशेश्वरगंज में शनिवार को श्रीआदि रामलीला लाटभैरव वरुणा संगम के तत्वावधान में श्रीराम राज्याभिषेक की लीला जीवंत हो उठी। जयघोष और पुष्पवर्षा के बीच माता जानकी संग प्रभु श्रीराम राजसिंहासन पर विराजमान हुए। लीला व्यास पं. दयाशंकर त्रिपाठी के सानिध्य में पूजन हुआ। इसके बाद गुरु वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम का विधि-विधान से राजतिलक किया। माता कौशल्या द्वारा आरती उतारने पर देवगणों ने राजाराम की स्तुति की। समिति के प्रधानमंत्री कन्हैया लाल यादव, पंकज त्रिपाठी व अन्य पदाधिकारियों ने प्रभु को माल्यार्पण किया। अंत में कार्यकर्ताओं का सम्मान हुआ।
माताकुंड में श्रीराम ने किया रावण का वध
माताकुंड स्थित रामलीला मैदान में शनिवार को अधर्म के प्रतीक लंकापति रावण के वध की लीला हुई। लल्लापुरा श्री प्राचीन रामलीला समिति की रामलीला के 14वें दिन प्रभु श्रीराम और दशानन के बीच युद्ध हुआ। श्रीराम के बाण नाभि में लगते ही रावण का अहंकार धराशायी हो गया। इसके बाद माता सीता की अग्निपरीक्षा और प्रभु श्रीराम-जानकी मिलन का दृश्य देख उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे। समिति के अध्यक्ष नंदलाल वर्मा ने बताया कि रविवार को भरत मिलाप और प्रभु के अयोध्या प्रवेश की मनोहारी लीला का मंचन किया जाएगा।