{"_id":"5d38bae08ebc3e6ccc03cb83","slug":"ramkatha-varanasi-news-vns474714186","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुनिया में श्रेष्ठतम सरकार का उदाहरण है रामराज्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुनिया में श्रेष्ठतम सरकार का उदाहरण है रामराज्य
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुनिया में श्रेष्ठतम सरकार का उदाहरण है रामराज्य
मुस्लिम बंधुओं ने महंत बालक दास को पहनाया मुकुट
पातालपुरी मठ में श्रीरामकथा के अंतिम दिन राम के राज्याभिषेक की सजी झांकी
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। महंत बालक दास ने कहा कि जब भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ तो दुनिया को एक रास्ता मिल गया। रामराज्य की स्थापना हुई। आजादी के समय महात्मा गांधी ने रामराज्य का स्वप्न देखा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने रामराज्य की संकल्पना जाति-धर्म के भेद को मिटाकर की। आज भी रामराज्य दुनिया में श्रेष्ठतम सरकार के लिए उदाहरण है। बुधवार को पातालपुरी मठ में श्रीरामकथा के अंतिम दिन राम के राज्याभिषेक की झांकी सजी। भगवान के स्वरूप का दर्शन कर भक्तगण निहाल हो उठे।
रामजन्मभूमि निर्माण के साथ पातालपुरी मठ में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन गंगा जमुनी तहजीब का नजारा देखने को मिला। मुस्लिम बुनकरों ने अपने हाथों से तैयार किए गए मुकुट को महंत बालक दास को पहनाया। महंत बालक दास ने राम के शबरी के घर जाने और जूठे बेर खाने का प्रसंग सुनाकर जातिवाद की कट्टरता पर प्रहार किया। इस अवसर पर डॉ. राजीव श्रीवास्तव, मो. अजहरूद्दीन अफसर बाबा, मजीद अंसारी, शमीम अहमद, इब्राहिम, कासिम अली, रमजान अली मौजूद रहे।
विज्ञापन
मुस्लिम बंधुओं ने महंत बालक दास को पहनाया मुकुट
पातालपुरी मठ में श्रीरामकथा के अंतिम दिन राम के राज्याभिषेक की सजी झांकी
अमर उजाला ब्यूरो
वाराणसी। महंत बालक दास ने कहा कि जब भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ तो दुनिया को एक रास्ता मिल गया। रामराज्य की स्थापना हुई। आजादी के समय महात्मा गांधी ने रामराज्य का स्वप्न देखा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने रामराज्य की संकल्पना जाति-धर्म के भेद को मिटाकर की। आज भी रामराज्य दुनिया में श्रेष्ठतम सरकार के लिए उदाहरण है। बुधवार को पातालपुरी मठ में श्रीरामकथा के अंतिम दिन राम के राज्याभिषेक की झांकी सजी। भगवान के स्वरूप का दर्शन कर भक्तगण निहाल हो उठे।
रामजन्मभूमि निर्माण के साथ पातालपुरी मठ में चल रही श्रीराम कथा के अंतिम दिन गंगा जमुनी तहजीब का नजारा देखने को मिला। मुस्लिम बुनकरों ने अपने हाथों से तैयार किए गए मुकुट को महंत बालक दास को पहनाया। महंत बालक दास ने राम के शबरी के घर जाने और जूठे बेर खाने का प्रसंग सुनाकर जातिवाद की कट्टरता पर प्रहार किया। इस अवसर पर डॉ. राजीव श्रीवास्तव, मो. अजहरूद्दीन अफसर बाबा, मजीद अंसारी, शमीम अहमद, इब्राहिम, कासिम अली, रमजान अली मौजूद रहे।
विज्ञापन