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पूविवि के कुलपति के विवादित बयान पर राज्यपाल ने मांगा स्पष्टीकरण
Mon, 31 Dec 2018 11:12 AM IST
shashikant misra
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखनऊ/जौनपुर
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Published by: shashikant misra
Updated Mon, 31 Dec 2018 11:12 AM IST
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राजाराम यादव
- फोटो : self
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राज्यपाल राम नाईक ने जौनपुर के पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाराम यादव के विवादित बयान पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है। डॉ. राजाराम यादव रविवार को राज्यपाल से मिलने राजभवन आए थे। राज्यपाल ने उन्हें अखबार में छपी उनके बयान की कटिंग देकर उस पर जवाब भेजने के लिए कहा है।
उन्होंने कुलपति से यह भी कहा कि जिस कार्यक्रम में उन्होंने बयान दिया, उसे लेकर स्थानीय स्तर पर अखबारों में क्या छपा है, इसकी कटिंग भी उन्हें भेजी जाए। राम नाईक ने बताया कि समाचार पत्रों की कटिंग व कुलपति का पक्ष मिल जाने के बाद वह इस मामले का परीक्षण करेंगे।
गौरतलब है कि कुलपति राजाराम यादव ने गाजीपुर के एक कार्यक्रम में छात्रों से कहा था कि यदि किसी से झगड़ा हो जाए तो उसे पीटकर आना। तुम्हारा बस चले तो उसका मर्डर करके आना। उधर, यूपी के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति के बयान की निंदा की है।
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उन्होंने कहा कि छात्रों को दिया गया उनका बयान पूरी तरह से गलत है, उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। उन्हें छात्रों को शांति का रास्ता सिखाना चाहिए, लेकिन वह गुंडा राज सिखा रहे हैं। इस तरह की मानसिकता वाले कुलपति को उनके पद पर रहना अधिकार नही हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि उप मुख्यमंत्री इस पर कोई कार्रवाई जरूर करेंगे।
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उन्होंने कुलपति से यह भी कहा कि जिस कार्यक्रम में उन्होंने बयान दिया, उसे लेकर स्थानीय स्तर पर अखबारों में क्या छपा है, इसकी कटिंग भी उन्हें भेजी जाए। राम नाईक ने बताया कि समाचार पत्रों की कटिंग व कुलपति का पक्ष मिल जाने के बाद वह इस मामले का परीक्षण करेंगे।
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गौरतलब है कि कुलपति राजाराम यादव ने गाजीपुर के एक कार्यक्रम में छात्रों से कहा था कि यदि किसी से झगड़ा हो जाए तो उसे पीटकर आना। तुम्हारा बस चले तो उसका मर्डर करके आना। उधर, यूपी के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति के बयान की निंदा की है।
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उन्होंने कहा कि छात्रों को दिया गया उनका बयान पूरी तरह से गलत है, उन्हें ऐसा नहीं कहना चाहिए था। उन्हें छात्रों को शांति का रास्ता सिखाना चाहिए, लेकिन वह गुंडा राज सिखा रहे हैं। इस तरह की मानसिकता वाले कुलपति को उनके पद पर रहना अधिकार नही हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि उप मुख्यमंत्री इस पर कोई कार्रवाई जरूर करेंगे।
कुलपति के बयान का विरोध, फूंका पुतला
कुलपति प्रो. राजाराम यादव के विवादित बयान का विरोध तेज हो गया है। विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने रविवार को कुलपति का पुतला फूंककर विरोध जताया। प्रदेश सरकार और राज्यपाल से कुलपति को तुरंत हटाने की मांग की। कुलपति के विवादित के कारण 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस पर समारोह पर भी विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं।
युवक कांग्रेस, समाजवादी छात्रसभा ने इसका विरोध करने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम के दौरान हंगामे की आशंका को देखते हुए खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। उधर, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मल्हनी विधायक पारसनाथ यादव ने कहा कि शिक्षा जगत के जिम्मेदारी आदमी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को यह कहने का अधिकार नहीं है कि झगड़ा हो तो पिटाई करके आना और अगर जरूरत पड़े मर्डर करके आना मैं देख लूंगा। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीमा द्विवेदी ने कहा कि कुलपति का भाव कहने का जो भी हो लेकिन जो बातें उन्होंने कही है, वह किसी भी संस्कारी इंसान को शोभा नहीं देता। इससे युवाओं में गलत संदेश जाएगा।
पूर्व विधायक ओमप्रकाश दूबे बाबा ने कहा है कि कुलपति सरस्वतीविहीन व्यक्ति है, ऐसा उनके बयान से प्रदर्शित हो रहा है। उद्यमी अरुण सिंह ने कहा कि कुलपति का बयान आपत्तिजनक है। जिसे पर समाज को एक दिशा देने की जिम्मेदारी है, वह ऐसी बात कहेगा तो माहौल खराब होगा। रिटायर्ड प्रोफेसर डा. राममोहन सिंह ने राज्यपाल को पत्र भेजकर कुलपति को बर्खास्त करने की मांग की है।
युवक कांग्रेस, समाजवादी छात्रसभा ने इसका विरोध करने का निर्णय लिया है। कार्यक्रम के दौरान हंगामे की आशंका को देखते हुए खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। उधर, पूर्व कैबिनेट मंत्री और मल्हनी विधायक पारसनाथ यादव ने कहा कि शिक्षा जगत के जिम्मेदारी आदमी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति को यह कहने का अधिकार नहीं है कि झगड़ा हो तो पिटाई करके आना और अगर जरूरत पड़े मर्डर करके आना मैं देख लूंगा। भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सीमा द्विवेदी ने कहा कि कुलपति का भाव कहने का जो भी हो लेकिन जो बातें उन्होंने कही है, वह किसी भी संस्कारी इंसान को शोभा नहीं देता। इससे युवाओं में गलत संदेश जाएगा।
पूर्व विधायक ओमप्रकाश दूबे बाबा ने कहा है कि कुलपति सरस्वतीविहीन व्यक्ति है, ऐसा उनके बयान से प्रदर्शित हो रहा है। उद्यमी अरुण सिंह ने कहा कि कुलपति का बयान आपत्तिजनक है। जिसे पर समाज को एक दिशा देने की जिम्मेदारी है, वह ऐसी बात कहेगा तो माहौल खराब होगा। रिटायर्ड प्रोफेसर डा. राममोहन सिंह ने राज्यपाल को पत्र भेजकर कुलपति को बर्खास्त करने की मांग की है।
कुलपति के बयान को तोड़मरोड़ कर कुछ लोग साध रहे हित
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. समर बहादुर सिंह ने कहा है कि सत्यदेव डिग्री कॉलेज गाजीपुर में आयोजित सेमिनार में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव के बयान को तोड़ मरोड़ कर कतिपय लोग अपना हित साध रहे हैं। कुलपति को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। महामंत्री डा. विजय कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान कुलपति के नेतृत्व में पूर्वांचल विश्वविद्यालय लगातार हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। विश्वविद्यालय नौकरियां देने में एक मिसाल कायम कर रहा है।
उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्तमान कुलपति ने युवाओं के चौमुखी विकास के उद्देश्य से आए दिन इनोवेटिव कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। कुछ लोग जो कुछ दिन पहले पूर्वांचल विश्वविद्यालय का बंटवारा चाहते थे, विश्वविद्यालय की स्थिति जर्जर कराना चाहते थे। कुलपति के रहते उनकी मुरादे पूरी नहीं हुई। वही लोग भाषण के कुछ अंश को लेकर अनावश्यक मामले को तूल दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. राजीव प्रकाश सिंह ने कहा कि वर्तमान कुलपति ने युवाओं के चौमुखी विकास के उद्देश्य से आए दिन इनोवेटिव कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। कुछ लोग जो कुछ दिन पहले पूर्वांचल विश्वविद्यालय का बंटवारा चाहते थे, विश्वविद्यालय की स्थिति जर्जर कराना चाहते थे। कुलपति के रहते उनकी मुरादे पूरी नहीं हुई। वही लोग भाषण के कुछ अंश को लेकर अनावश्यक मामले को तूल दे रहे हैं।