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राजघाट भगदड़ मामले में तीन दिन और दर्ज होंगे बयान
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 16 Mar 2017 11:10 PM IST
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शोभायात्रा के दौरान 15 अक्तूबर 2016 को राजघाट पुल पर भगदड़ मच गई थी
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राजघाट भगदड़ प्रकरण की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग की टीम फिर तीन दिन शहर में डेरा डालेगी। 18, 19 और 20 मार्च को आयोग की टीम शहर में होगी और घटना से जुड़े पहलुओं पर संबंधितों के बयान दर्ज करेगी। साथ ही, हादसे में घायल नौ लोगों के भी बयान होंगे।
न्यायिक आयोग की टीम को 31 मार्च तक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप देनी है। जांच में देरी होने पर हाईकोर्ट ने इसी महीने के अंत तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।
जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज बाबा की ओर से निकाली गई शोभायात्रा के दौरान 15 अक्तूबर 2016 को राजघाट पुल पर भगदड़ मच गई थी। इसमें 25 लोगों की मौत हुई थी।
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बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद तत्कालीन डीएम और एसएसपी को हटा दिया गया था। प्रदेश सरकार ने जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया था। दो बार आयोग का कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है।
तमाम जिम्मेदार अधिकारियों ने पहले ही अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। जिन्होंने बयान दर्ज नहीं कराए हैं, उनके लिए अब अंतिम मौका होगा। आयोग के सचिव ज्ञान चंद्रा तीन दिन सर्किट हाउस स्थित अस्थाई कार्यालय में बयान और लिखित बयान लेंगे।
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न्यायिक आयोग की टीम को 31 मार्च तक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप देनी है। जांच में देरी होने पर हाईकोर्ट ने इसी महीने के अंत तक जांच पूरी करने का निर्देश दिया है।
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जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज बाबा की ओर से निकाली गई शोभायात्रा के दौरान 15 अक्तूबर 2016 को राजघाट पुल पर भगदड़ मच गई थी। इसमें 25 लोगों की मौत हुई थी।
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बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। हादसे के बाद तत्कालीन डीएम और एसएसपी को हटा दिया गया था। प्रदेश सरकार ने जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया था। दो बार आयोग का कार्यकाल बढ़ाया जा चुका है।
तमाम जिम्मेदार अधिकारियों ने पहले ही अपने बयान दर्ज करा दिए हैं। जिन्होंने बयान दर्ज नहीं कराए हैं, उनके लिए अब अंतिम मौका होगा। आयोग के सचिव ज्ञान चंद्रा तीन दिन सर्किट हाउस स्थित अस्थाई कार्यालय में बयान और लिखित बयान लेंगे।